20 करोड़ की साइबर ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार: खाजूवाला बॉर्डर से चल रहा था नेटवर्क, क्रिप्टो और हवाला से पहुंचाता था रकम

09 Jun 2026 BIKANER
Advertisement

20 करोड़ की साइबर ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार: खाजूवाला बॉर्डर से चल रहा था नेटवर्क, क्रिप्टो और हवाला से पहुंचाता था रकम

बीकानेर. साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बीकानेर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर पुलिस थाना और खाजूवाला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में देशभर में दर्ज साइबर ठगी के कई मामलों से जुड़े एक कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर 20 करोड़ रुपए से अधिक की साइबर ठगी की राशि के लेनदेन में शामिल होने का आरोप है।

बीकानेर रेंज आईजी ओमप्रकाश और कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक विशाल जांगिड़ के निर्देशन में साइबर थाना प्रभारी शालिनी बजाज के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने खाजूवाला थाना क्षेत्र के चक 14 बीडी निवासी 23 वर्षीय विष्णु बिश्नोई को गिरफ्तार किया है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी एक संगठित साइबर ठगी गिरोह से जुड़ा हुआ था। प्रारंभिक पड़ताल के अनुसार उसने अपने और अन्य लोगों के बैंक खातों के माध्यम से 20 करोड़ रुपए से अधिक की संदिग्ध राशि का लेनदेन किया। देश के विभिन्न राज्यों में उसके खिलाफ करीब 25 साइबर ठगी शिकायतें दर्ज बताई जा रही हैं।

जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी ठगी से प्राप्त रकम को अलग-अलग बैंक खातों में जमा करवाता था। इसके बाद वह राशि को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए यूएसडीटी (USDT) क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित कर साइबर ठगी गिरोह तक पहुंचाता था। इस पूरी प्रक्रिया के बदले आरोपी करीब 10 प्रतिशत कमीशन अपने पास रखता था।

पुलिस के अनुसार जब साइबर शिकायतों के कारण बैंक खाते फ्रीज या बंद हो जाते थे, तब आरोपी हवाला नेटवर्क का सहारा लेकर रकम को गिरोह तक पहुंचाने का काम करता था। इससे जांच एजेंसियों की नजर से बचने की कोशिश की जाती थी।

मामले की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कई अन्य लोगों के बैंक खातों का उपयोग किया। अब साइबर पुलिस और खाजूवाला पुलिस उन खाताधारकों से भी पूछताछ कर रही है, जिनके खातों के जरिए करोड़ों रुपए का लेनदेन किया गया।

कार्रवाई में साइबर थाना बीकानेर की टीम के साथ खाजूवाला थानाधिकारी सुरेंद्र प्रजापत और उनकी टीम भी शामिल रही। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। साइबर ठगी, क्रिप्टोकरेंसी और हवाला के जरिए संचालित इस नेटवर्क की परतें खुलने के साथ कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

Share: