कोटगेट RUB की बदली डिजाइन! अब रेलवे बनाएगा टू-लेन अंडरपास, मार्च 2027 से पहले काम शुरू होना मुश्किल
बीकानेर। शहर की सबसे बड़ी यातायात समस्याओं में शामिल कोटगेट और सांखला फाटक पर बनने वाले आरयूबी को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। कोटगेट आरयूबी की डिजाइन में बड़ा बदलाव किया गया है। अब यहां डबल लेन यानी टू-लेन आरयूबी बनाया जाएगा और इसका निर्माण पीडब्ल्यूडी की जगह रेलवे करेगा।
बुधवार को नए प्लान को मौके पर परखने के लिए रेलवे के एक्सईएन (निर्माण) विजयपाल बाना कोटगेट पहुंचे। उनके साथ नगर निगम के एक्सईएन चिराग गोयल, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन, एईएन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और अभियंता भी मौजूद रहे। मौके पर हुई चर्चा के बाद यह लगभग स्पष्ट हो गया कि कोटगेट आरयूबी का निर्माण अब रेलवे के जिम्मे रहेगा।
दोगुनी चौड़ाई का होगा कोटगेट आरयूबी
नए प्लान में सबसे बड़ा बदलाव आरयूबी की चौड़ाई को लेकर किया गया है। पहले प्रस्तावित डिजाइन की तुलना में अब इसकी चौड़ाई करीब दोगुनी रखी जाएगी। टू-लेन आरयूबी बनने से वाहनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा आम जनता और पैदल यात्रियों की आवाजाही के लिए आरयूबी के दोनों तरफ पर्याप्त जगह उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि वाहन और पैदल यात्री यातायात के बीच बेहतर समन्वय बना रहे।
अब PWD नहीं, रेलवे करेगा निर्माण
कोटगेट आरयूबी को लेकर एक और बड़ा बदलाव सामने आया है। अब इसका निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी के बजाय रेलवे करेगा। इसी वजह से पीडब्ल्यूडी ने कोटगेट क्षेत्र से अपना साजो-सामान और मशीनरी समेटना शुरू कर दिया है।
पीडब्ल्यूडी ने आरयूबी के लिए पहले से कुछ कंक्रीट ब्लॉक्स भी तैयार करवाए थे। रेलवे इन ब्लॉक्स का निर्माण में इस्तेमाल करेगा या नहीं, इस पर अभी अंतिम निर्णय होना बाकी है।
क्या दुकानों और संपत्तियों का होगा अधिग्रहण?
टू-लेन आरयूबी बनाने के लिए सड़क की दूसरी तरफ स्थित दुकानों और संपत्तियों के अधिग्रहण का सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है। बीकानेर विकास प्राधिकरण की ओर से कोटगेट क्षेत्र में कुछ भूमि और संपत्तियों के एवज में लोगों को मुआवजा राशि दी जा चुकी है।
हालांकि नई डिजाइन के अनुसार रेलवे को अतिरिक्त जमीन की जरूरत पड़ेगी या नहीं और यदि पड़ेगी तो किन संपत्तियों का अधिग्रहण किया जाएगा, इस पर फिलहाल रेलवे अधिकारी स्पष्ट जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं। रेलवे को अभी कई औपचारिकताएं और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी करनी बाकी हैं।
कई विभागों से लेनी होगी NOC
कोटगेट आरयूबी का प्रोजेक्ट रेलवे के पास जाने के बाद नगर निगम, बीकानेर विकास प्राधिकरण, पीडब्ल्यूडी सहित संबंधित विभागों से एनओसी लेनी होगी। क्षेत्र में सीवरेज लाइन गुजरने के कारण नगर निगम की एनओसी भी जरूरी होगी।
इसके अलावा रेलवे मुख्यालय स्तर से कई प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृतियां मिलना बाकी हैं। यही वजह है कि परियोजना को धरातल पर शुरू होने में अभी समय लग सकता है।
मार्च 2027 से पहले काम शुरू होना मुश्किल
बताया जा रहा है कि रेलवे प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाए, तब भी मार्च 2027 से पहले कोटगेट आरयूबी का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू होना मुश्किल नजर आ रहा है। स्वीकृतियों, डिजाइन, एनओसी और संभावित भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निर्माण की वास्तविक शुरुआत हो सकेगी।
सांखला फाटक पर PWD का फोकस
कोटगेट का काम रेलवे के पास जाने के बाद अब पीडब्ल्यूडी का पूरा फोकस सांखला फाटक आरयूबी पर है। यहां निर्माण से जुड़े कंक्रीट ब्लॉक्स तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही नाला शिफ्टिंग का काम भी शुरू कर दिया गया है।
पीडब्ल्यूडी ने रेलवे ट्रैक के नीचे निर्माण कार्य करने और ट्रैफिक रोकने के लिए रेलवे प्रशासन को औपचारिक प्रार्थना पत्र भी सौंप दिया है। रेलवे से मेगा ब्लॉक की अनुमति मिलते ही सांखला फाटक पर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
जनता को मिलेगी बड़ी राहत, लेकिन इंतजार लंबा
कोटगेट पर टू-लेन आरयूबी बनने की योजना शहर के लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए बड़ी राहत मानी जा रही है। कोटगेट क्षेत्र में लंबे समय से जाम और यातायात अव्यवस्था की समस्या बनी हुई है। ऐसे में चौड़े आरयूबी से भविष्य में यातायात संचालन बेहतर होने की उम्मीद है।
हालांकि रेलवे की प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृतियां, एनओसी और संभावित भूमि अधिग्रहण जैसे सवाल अभी बाकी हैं। ऐसे में कोटगेट की जनता को इस बहुप्रतीक्षित सुविधा के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।





