आज तय होगा बीकानेर का नया महापौर, अनिल कल्ला-सुरेंद्र सिंह में सीधा मुकाबला
बीकानेर। बीकानेर नगर निगम को आज नया महापौर मिल जाएगा। कांग्रेस के अनिल कल्ला और भाजपा के सुरेंद्र सिंह शेखावत के बीच सीधा मुकाबला है। 80 पार्षदों वाले सदन में बहुमत के लिए 41 वोट जरूरी हैं। कांग्रेस के पास 42 पार्षद हैं, जबकि भाजपा के 27 पार्षद हैं। इसके अलावा 10 निर्दलीय और एक आरएलपी पार्षद भी हैं, जिनकी भूमिका पर नजर रहेगी।
बाड़ेबंदी से लौटे पार्षद, दोनों दलों की नजर क्रॉस वोटिंग पर
मेयर चुनाव से पहले दोनों दलों ने अपने-अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी की थी। सोमवार सुबह बाड़ेबंदी से निकलकर विजयी पार्षद बीकानेर पहुंचने लगे। भाजपा के पार्षद विधायक जेठानंद व्यास के नेतृत्व में एक बस से बीकानेर पहुंचे। बताया जा रहा है कि भाजपा पार्षद जोधपुर के एक रिसोर्ट में ठहरे हुए थे।
वहीं कांग्रेस के विजयी पार्षद मेयर प्रत्याशी अनिल कल्ला के नेतृत्व में बीकानेर पहुंचे। दोनों प्रमुख दलों के सामने अपने पार्षदों को एकजुट रखने के साथ क्रॉस वोटिंग की चिंता भी बनी हुई है।
पूर्व और पश्चिम में विकास का सवाल
बीकानेर का नया महापौर ऐसे समय चुना जा रहा है, जब शहर में विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की तुलना में पूर्वी विधानसभा क्षेत्र में अधिक विकास कार्य होने की चर्चा होती रही है। इसके पीछे शहर में होने वाली वीआईपी विजिट को भी एक वजह माना जाता है।
हाल के वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित कई बड़े नेताओं की बीकानेर यात्रा हुई है। इन यात्राओं के दौरान पूर्वी क्षेत्र में भी बड़े कार्यक्रम और गतिविधियां देखने को मिली हैं।
सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट बड़ी चुनौती
शहर में सड़क, नालियों और रोड लाइट से जुड़ी समस्याएं अभी भी लोगों के लिए बड़ी चुनौती हैं। इसके अलावा पूर्व और पश्चिम दोनों क्षेत्रों में नशे का फैलाव भी चिंता का विषय बना हुआ है। इन समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण और शहर के बुनियादी ढांचे में सुधार नए महापौर के सामने प्रमुख मुद्दे रहेंगे।
41 वोट पर तय होगा महापौर
80 सदस्यीय नगर निगम में बहुमत के लिए 41 वोट चाहिए। कांग्रेस के 42 और भाजपा के 27 पार्षद हैं। 10 निर्दलीय और एक आरएलपी पार्षद के वोट भी चुनावी गणित में महत्वपूर्ण हैं। हालांकि दोनों दलों के भीतर क्रॉस वोटिंग को लेकर भी नजर बनी हुई है।
अब सभी की नजरें नगर निगम में होने वाली मतदान प्रक्रिया पर हैं। मतदान के बाद बीकानेर के नए महापौर के नाम की तस्वीर साफ हो जाएगी।




