बीकानेर। राजस्थान में निकाय चुनाव से पहले 309 निकायों के अध्यक्ष, सभापति और महापौर पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जा रही है। इस लॉटरी में बीकानेर नगर निगम के महापौर पद को लेकर भी स्थिति साफ हो गई है। बीकानेर महापौर का पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।
लॉटरी प्रक्रिया के दौरान प्रदेश के 309 निकायों के अध्यक्ष, सभापति और महापौर पदों का आरक्षण तय किया गया। इस दौरान मंत्री झाबर सिंह खर्रा भी मौजूद रहे। आरक्षण की प्रक्रिया के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के लिए अलग-अलग सीटें निर्धारित की गई हैं।
बीकानेर महापौर पद सामान्य वर्ग के लिए
बीकानेर नगर निगम के महापौर पद को इस बार सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। आरक्षण की स्थिति सामने आने के बाद निकाय चुनाव को लेकर बीकानेर की राजनीति में हलचल तेज होने की संभावना है। अब सामान्य वर्ग से आने वाले संभावित दावेदारों की सक्रियता बढ़ सकती है।
बीकानेर संभाग में आरक्षण की स्थिति
बीकानेर संभाग के कुल 37 निकायों में से 7 निकायों के अध्यक्ष पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें लूणकरणसर, सुजानगढ़, खाजूवाला, केसरीसिंहपुर, सरदारशहर, राजगढ़ और नोखा शामिल हैं।
इनमें सरदारशहर और केसरीसिंहपुर के अध्यक्ष पद ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं।
बीकानेर जिले के निकायों का आरक्षण
- बीकानेर महापौर: सामान्य वर्ग
- श्रीडूंगरगढ़ पालिकाध्यक्ष: सामान्य वर्ग
- नोखा पालिकाध्यक्ष: ओबीसी वर्ग
- खाजूवाला पालिकाध्यक्ष: ओबीसी वर्ग
- लूणकरणसर पालिकाध्यक्ष: ओबीसी वर्ग
- नापासर पालिकाध्यक्ष: एससी महिला वर्ग
309 निकायों में आरक्षण का गणित
राजस्थान के 309 निकायों में आरक्षण के तहत अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 50 सीटें निर्धारित की गई हैं, जिनमें 16 सीटें महिलाओं के लिए हैं। अनुसूचित जनजाति वर्ग की 11 सीटों में 3 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। वहीं ओबीसी वर्ग की 60 सीटों में 21 सीटें महिलाओं के लिए रखी गई हैं। शेष 188 सीटें अनारक्षित यानी सामान्य वर्ग के लिए हैं, जिनमें 62 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं।
निकाय चुनाव से पहले बढ़ेगी राजनीतिक सक्रियता
आरक्षण की लॉटरी सामने आने के बाद अब निकाय चुनाव को लेकर संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता और बढ़ने की उम्मीद है। बीकानेर में महापौर पद सामान्य वर्ग के लिए होने से कई दावेदार अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुट सकते हैं। हालांकि अंतिम उम्मीदवारों का फैसला राजनीतिक दलों की ओर से टिकट वितरण के बाद ही होगा।
बीकानेर में महापौर पद का आरक्षण सामान्य वर्ग के लिए तय होने के बाद अब निकाय चुनाव की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। आने वाले दिनों में टिकट को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।




