बीकानेर। नगर निगम चुनाव 2026 को लेकर भाजपा और कांग्रेस में टिकट की दौड़ तेज हो गई है। दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों में संभावित प्रत्याशियों के नामों पर मंथन चल रहा है। जानकारी के अनुसार भाजपा में करीब 850 और कांग्रेस में करीब 500 आवेदन आने की चर्चा है। ऐसे में टिकट वितरण से पहले राजनीतिक गलियारों में दावेदारों की छवि और पृष्ठभूमि को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
टिकट की दौड़ में दागदार छवि वाले चेहरों की चर्चा
राजनीतिक चर्चाओं के बीच कुछ ऐसे दावेदारों के नाम भी सामने आने की बात कही जा रही है, जिनकी पृष्ठभूमि को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इनमें कथित तौर पर अवैध नशे के कारोबार, जुआ-सट्टा गतिविधियों, नकली या मिलावटी खाद्य सामग्री, अवैध निर्माण और अतिक्रमण जैसे मामलों से जुड़े होने के आरोप झेल रहे लोगों के नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं।
इसके अलावा निगम के ठेकों और विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों से जुड़े कुछ ठेकेदारों के भी चुनाव मैदान में उतरने की चर्चाएं हैं। कुछ ऐसे लोगों के नाम भी राजनीतिक चर्चाओं में बताए जा रहे हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले या पुलिस रिकॉर्ड होने की बातें सामने आती रही हैं।
आरोप लगना और अपराध साबित होना अलग बात
हालांकि, किसी व्यक्ति पर लगे आरोप को तब तक अपराध या तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता, जब तक संबंधित मामले में आधिकारिक जांच या न्यायिक प्रक्रिया से इसकी पुष्टि न हो जाए। इसलिए टिकट के दावेदारों से जुड़ी चर्चाओं को फिलहाल इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
राजनीतिक दलों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यही है कि बड़ी संख्या में आए आवेदनों में से ऐसे प्रत्याशियों का चयन कैसे किया जाए, जिनकी चुनावी जीत की संभावना के साथ उनकी सार्वजनिक छवि भी पार्टी के लिए नुकसानदेह न हो।
पैसा और प्रभाव या साफ छवि?
नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण को लेकर अब सबसे बड़ा सवाल यही बन गया है कि पार्टियां पैसे, स्थानीय प्रभाव और चुनावी समीकरण को प्राथमिकता देंगी या साफ-सुथरी छवि, जनाधार और योग्य चेहरों को मौका देंगी।
भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए टिकट वितरण आसान नहीं रहने वाला है। एक ओर बड़ी संख्या में दावेदार टिकट की उम्मीद लगाए बैठे हैं, वहीं दूसरी ओर पार्टी नेतृत्व को स्थानीय समीकरण, जीत की संभावना और उम्मीदवार की छवि के बीच संतुलन बनाना होगा।
अंतिम सूची से खुलेगा सियासी राज
फिलहाल संभावित प्रत्याशियों को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। किन दावेदारों को पार्टी टिकट देती है और किन नामों को बाहर का रास्ता दिखाया जाता है, इसका खुलासा आधिकारिक सूची जारी होने के बाद ही होगा। टिकट की अंतिम सूची सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों प्रमुख दलों ने चुनावी मैदान में किन चेहरों पर भरोसा जताया है।





