Bikaner News: 29 बीघा जमीन का फर्जी बेयनामा कर बेची भूमि! 13 साल पुराने मामले में 5 लोगों पर केस दर्ज
Bikaner News: बीकानेर जिले के बज्जू क्षेत्र में 29 बीघा कृषि भूमि के कथित फर्जी बेयनामे और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। करीब 13 साल पुराने इस प्रकरण में कोलायत न्यायालय के आदेश पर बज्जू थाना पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला भूमि के फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने और बाद में उसे बेचने से जुड़ा बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार नैणिया, कोलायत निवासी जलाल खां पुत्र नूर खां ने न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत कर बताया कि बज्जू तहसील के चक 7 जीडब्ल्यूएम (बी) और चक 8 जीडब्ल्यूएम (बी) में स्थित कुल 29 बीघा कृषि भूमि उसे विधिवत आवंटित की गई थी। राजस्व विभाग में निर्धारित किश्तें जमा करने के बाद उसे उक्त भूमि पर खातेदारी अधिकार भी प्राप्त हो गए थे।
परिवाद में आरोप लगाया गया है कि गांव नैणिया निवासी पूनमचंद पुत्र बस्तीराम पालीवाल ने बेहतर भूमि दिलाने और भूमि का तबादला करवाने का भरोसा देकर आधार कार्ड, पहचान पत्र, फोटो तथा भूमि संबंधी दस्तावेज अपने पास ले लिए। इसके बाद आरोपियों ने कथित रूप से आपराधिक षड्यंत्र रचकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए।
शिकायत के अनुसार 11 मार्च 2013 को परिवादी की जानकारी और सहमति के बिना उसकी भूमि का फर्जी बेयनामा पंजीबद्ध करवा दिया गया। आरोप है कि रजिस्ट्री के दौरान परिवादी के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को प्रस्तुत किया गया। बेयनामे में अंकित हस्ताक्षर और अंगूठा निशान भी परिवादी के नहीं थे।
परिवादी का आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भूमि पहले अपने नाम करवाई गई और बाद में अन्य व्यक्तियों को बेच दी गई। इससे आरोपियों को अनुचित आर्थिक लाभ हुआ, जबकि वास्तविक खातेदार को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
मामले में पूनमचंद पुत्र बस्तीराम पालीवाल, किशन स्वामी, श्यामसुन्दर पुत्र पूनमचंद, श्यामसुन्दर पुत्र भंवरलाल बिश्नोई तथा फुलाराम पुत्र कोजाराम बिश्नोई को आरोपी बनाया गया है। परिवादी ने यह भी आरोप लगाया कि उसने पहले बज्जू थाना और बाद में पुलिस अधीक्षक बीकानेर को शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
कोलायत न्यायालय के आदेश के बाद बज्जू थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच थानाधिकारी जगदीश प्रसाद (एसआई) द्वारा की जा रही है। पुलिस भूमि से जुड़े दस्तावेजों, राजस्व रिकॉर्ड और रजिस्ट्री संबंधी अभिलेखों की जांच कर रही है।




