बीकानेर: मादक पदार्थ तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन नीलकंठ के तहत बीकानेर पुलिस ने नशा तस्करों की कथित अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दो परिवारों से जुड़ी कुल 1 करोड़ 41 लाख 85 हजार रुपये की संपत्ति को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत फ्रीज कराया है। कार्रवाई के बाद नशा तस्करों के कथित आर्थिक नेटवर्क में हड़कंप मचा हुआ है।
1.41 करोड़ की संपत्ति पर पुलिस का शिकंजा
जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशन में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित मानी गई संपत्तियों की पहचान कर उन्हें फ्रीज करने की कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार ऑपरेशन नीलकंठ का उद्देश्य नशा तस्करों और संगठित अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ना है।
मेहरूनिशां की करीब 1 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
थाना सदर क्षेत्र में मेहरूनिशां पत्नी मुराद अली की करीब 1 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई। इसमें बीकानेर के भुट्टों का बास स्थित आवासीय मकान की बाजार कीमत करीब 36 लाख रुपये तथा राजीव नगर में चुना भट्टा के पास स्थित आवासीय भूखंड की कीमत करीब 64 लाख रुपये बताई गई है।
मुराद अली और बेटों पर कई मामले
पुलिस के अनुसार मेहरूनिशां के पति मुराद अली सदर थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं और उनके खिलाफ 17 अभियोग दर्ज बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार उनके पुत्र तालीवान उर्फ तालीमान के खिलाफ भी 10 मामले दर्ज हैं। पुलिस का आरोप है कि परिवार के सदस्यों का संबंध मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े मामलों से रहा है।
रणजीतपुरा में भी बड़ी कार्रवाई
रणजीतपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने पूनमचंद बिश्नोई पुत्र जयसुराम उर्फ जस्सराम की करीब 4 लाख 85 हजार रुपये की संपत्ति फ्रीज की। इसमें महिंद्रा बोलेरो कैंपर, इलेक्ट्रिक स्कूटर और रणजीतपुरा क्षेत्र में स्थित आवासीय मकान शामिल हैं।
सगे भाइयों की 37 लाख की संपत्ति फ्रीज
इसी थाना क्षेत्र में प्रेमसुख बिश्नोई उर्फ सोनी पुत्र जयसुराम उर्फ जयसुखराम की करीब 37 लाख रुपये की संपत्ति भी फ्रीज की गई। इसमें चक 10 आरडी, रणजीतपुरा स्थित निर्माणाधीन मकान की करीब 25 लाख रुपये और चक 14 आरडीआई स्थित दुकान की करीब 12 लाख रुपये की बाजार कीमत बताई गई है।
दो परिवारों पर कार्रवाई
पुलिस के अनुसार मेहरूनिशां का परिवार और पूनमचंद-प्रेमसुख बिश्नोई का परिवार मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े मामलों में सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई के जरिए कथित अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों पर आर्थिक चोट करने का प्रयास किया है।
NDPS एक्ट की धारा 68F के तहत कार्रवाई
बीकानेर पुलिस ने बताया कि संपत्तियों की पहचान के बाद NDPS एक्ट की धारा 68F के प्रावधानों के तहत सक्षम प्राधिकारी से आदेश प्राप्त कर फ्रीज करने की कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि अभियान के तहत ऐसी अन्य संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
नशा तस्करों के आर्थिक नेटवर्क पर निशाना
पुलिस के अनुसार ऑपरेशन नीलकंठ का फोकस केवल नशे की खेप पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि तस्करी से अर्जित कथित अवैध आय से बनाई गई संपत्तियों की पहचान कर आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करना भी इसका हिस्सा है।





