बीकानेर के पब्लिक पार्क गेट के मूल स्वरूप में बदलाव पर राजपरिवार ने जताई आपत्ति, बहाली की मांग
बीकानेर। शहर के ऐतिहासिक पब्लिक पार्क के प्रवेश द्वार के मूल स्वरूप में बदलाव का मामला सामने आया है। प्रिंसेस राज्यश्री कुमारी ने इस पर आपत्ति जताते हुए जिला कलेक्टर, मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री को पत्र लिखकर ऐतिहासिक गेट को उसके मूल स्वरूप में पुनः स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने इसे बीकानेर की राजसी विरासत और ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण स्मारक बताया है।
महाराजा गंगासिंह के समय तैयार हुआ था प्रवेश द्वार
राज्यश्री कुमारी की ओर से दिए गए विवरण के अनुसार, उनके परदादा स्वर्गीय महाराजा गंगासिंहजी ने बीकानेर में कई ऐतिहासिक इमारतों और सार्वजनिक स्थलों का निर्माण करवाया था। पब्लिक पार्क भी उन्हीं में से एक है। बताया गया है कि पार्क के डिजाइन के लिए उस समय के वास्तुकारों और इंजीनियरों से सलाह ली गई थी तथा इसके गेट और रेलिंग विशेष रूप से तैयार करवाए गए थे।
पब्लिक पार्क के मुख्य प्रवेश द्वार, चार स्तंभों और चारों ओर की रेलिंग में ढलमेरा के बलुआ पत्थर का उपयोग किया गया था। पत्र में गेट की डिजाइन को लंदन के बकिंघम पैलेस के प्रवेश द्वारों से प्रेरित बताया गया है।
पहले भी क्षतिग्रस्त गेट को लेकर जताई थी आपत्ति
पत्र के अनुसार, कुछ वर्ष पहले पब्लिक पार्क का ऐतिहासिक मुख्य द्वार क्षतिग्रस्त हो गया था। आरोप है कि विशेषज्ञों की सलाह के बिना जेसीबी मशीन से इसे हटाया गया, जिससे द्वार के खंभों को भी नुकसान पहुंचा। उस समय भी आमजन की ओर से कार्रवाई का विरोध किया गया था।
राज्यश्री कुमारी ने पहले भी जिला कलेक्टर, मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री को पत्र लिखकर ऐतिहासिक द्वार को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग की थी। उनके अनुसार, प्रशासन की ओर से इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था।
तीन दरवाजों की जगह दो पिलर वाला गेट बनाने पर सवाल
राज्यश्री कुमारी ने बताया कि हाल ही में समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली कि पार्क के गेट के मूल स्वरूप में बदलाव करते हुए तीन दरवाजों की जगह दो पिलर वाला गेट बना दिया गया है। उन्होंने इस बदलाव पर आपत्ति जताई है।
उनका कहना है कि महाराजा गंगासिंहजी की दूरदर्शिता से निर्मित पब्लिक पार्क का प्रवेश द्वार, स्तंभ और रेलिंग बीकानेर की ऐतिहासिक धरोहर हैं। ऐसे ऐतिहासिक निर्माण के मूल स्वरूप में बदलाव करने से पहले विशेषज्ञों की सलाह और विरासत संरक्षण के मानकों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
मूल स्वरूप में बहाली की मांग
राजपरिवार की वरिष्ठ सदस्य होने के नाते राज्यश्री कुमारी ने एक बार फिर संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर पब्लिक पार्क के ऐतिहासिक प्रवेश द्वार को उसके मूल स्वरूप में पुनः स्थापित करने की मांग की है। अब इस मामले में प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।
Aapni Awaj | बीकानेर






