बीकानेर में रमेश देव की वापसी बनी चर्चा का विषय: मंत्री की चेतावनी से लेकर 12 दिन में वापसी तक की पूरी कहानी
बीकानेर। जिला रसद अधिकारी के रूप में रमेश देव की बीकानेर वापसी प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जा रहा है कि यह सामान्य तबादला नहीं बल्कि इसके पीछे एक लंबी प्रशासनिक कहानी है।
मंत्री की चेतावनी और अधिकारी का जवाब
सूत्रों के अनुसार करीब तीन महीने पहले राजस्थान के एक प्रभावशाली भाजपा नेता और कैबिनेट मंत्री तथा आरएएस अधिकारी रमेश देव के बीच किसी मुद्दे को लेकर तीखी नोकझोंक हुई थी। बात इतनी बढ़ गई कि मंत्री ने कथित रूप से कहा था कि शाम तक उनका तबादला करवा देंगे।
इसके जवाब में रमेश देव ने भी कहा कि आप ट्रांसफर करवाइए, मैं इंतजार करूंगा। प्रशासनिक हलकों में यह घटनाक्रम काफी चर्चा में रहा।
रात में खुली स्थापना शाखा, हुआ तबादला
सूत्रों का दावा है कि इसके बाद करीब तीन महीने बाद जारी तबादला सूची में रमेश देव का नाम शामिल हुआ और उन्हें बीकानेर से बूंदी भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि कलेक्ट्रेट स्थापना शाखा देर रात तक खुली रही और उन्हें रिलीव किया गया।
12 दिन बाद फिर बीकानेर वापसी
रमेश देव ने 8 जून को बूंदी में कार्यभार संभाला, लेकिन करीब 12 दिन बाद जारी नई तबादला सूची में उनकी बीकानेर वापसी हो गई। अब वे जिला रसद अधिकारी के पद पर बीकानेर में तैनात हैं।
रमेश देव की वापसी के बाद प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज है। लोग इसे सत्ता और प्रशासन के बीच प्रभाव की कहानी के रूप में देख रहे हैं।
Disclaimer: यह रिपोर्ट उपलब्ध जानकारी और सूत्रों के आधार पर तैयार की गई है।




