बीकानेर के सादुल क्लब में बनेगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग रेंज, ओलंपिक 2028 के लिए निशानेबाजों को मिलेगी आधुनिक तकनीक

23 Oct 2026 BIKANER
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बीकानेर के सादुल क्लब में बनेगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग रेंज, ओलंपिक 2028 के लिए खिलाड़ियों को मिलेगी आधुनिक तकनीक

बीकानेर की समृद्ध खेल परंपरा को आगे बढ़ाने की दिशा में सादुल क्लब में अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग रेंज स्थापित की जा रही है। यहां निशानेबाजों को ओलंपिक स्तर की तकनीक और सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है, ताकि शहर के युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। क्लब पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी।

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शूटिंग रेंज में लगाई गईं 17 आधुनिक मशीनें

क्लब अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ और सचिव एम.पी. सिंह सोहन ने बताया कि शूटिंग रेंज में कुल 17 मशीनें लगाई गई हैं। इनमें 15 ट्रैप स्पर्धा और दो स्कीट स्पर्धा के लिए हैं। ये मशीनें इंग्लैंड की प्रोमेटिक कंपनी से मंगवाई गई हैं। इन्हें स्थापित करने के लिए कंपनी के इंजीनियर केविन और जोस बीकानेर पहुंचे हैं और मशीनों को स्थापित करने का काम कर रहे हैं।

क्लब पदाधिकारियों के अनुसार, इस रेंज में अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। उनका उद्देश्य है कि अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं मिलें और उन्हें प्रशिक्षण के लिए दूसरे स्थानों पर निर्भर न रहना पड़े।

तकनीकी निरीक्षण के बाद शुरू होगी ट्रेनिंग

पदाधिकारियों ने बताया कि नेशनल राइफल एसोसिएशन के तकनीकी अधिकारी शूटिंग रेंज का निरीक्षण करेंगे। वे रेंज का तकनीकी परीक्षण करने के बाद प्रमाण पत्र जारी करेंगे। इसके आधार पर जिला प्रशासन से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर प्रशिक्षण शुरू करने की योजना है।

क्लब की ओर से निशानेबाजों को अभ्यास के लिए कुछ बंदूकें उपलब्ध कराने की भी योजना है। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए देश के उच्च स्तरीय कोच नियुक्त किए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर विदेशी कोच की सेवाएं लेने की बात भी कही गई है।

बीकानेर की निशानेबाजी परंपरा को आगे बढ़ाने की तैयारी

बीकानेर में निशानेबाजी का इतिहास काफी समृद्ध रहा है। तत्कालीन महाराजा करणी सिंह और राज्यश्री कुमारी ने इस खेल में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, डॉ. करणी सिंह को 1961 और राज्यश्री कुमारी को 1969 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और अपूर्वी चंदेला जैसे खिलाड़ियों ने भी निशानेबाजी में देश का नाम रोशन किया है।

क्लब पदाधिकारियों ने कहा कि वे इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए बीकानेर के बच्चों और युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण देना चाहते हैं। उनका लक्ष्य है कि यहां के खिलाड़ी भविष्य में देश के लिए पदक जीतें।

सादुल क्लब में पहले से उपलब्ध हैं कई खेल सुविधाएं

सचिव के अनुसार, सादुल क्लब में वर्तमान में बास्केटबॉल, टेनिस, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, तीरंदाजी, क्रिकेट, पिकलबॉल, बैडमिंटन, बिलियर्ड्स और तैराकी सहित कई खेलों की सुविधाएं उपलब्ध हैं। क्लब में लगभग 300 से 400 बच्चे नियमित रूप से अभ्यास करते हैं। यहां अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल की हैं।

नई शूटिंग रेंज के शुरू होने से क्लब में खेल सुविधाओं का विस्तार होने की उम्मीद है। हालांकि, प्रशिक्षण शुरू होने की प्रक्रिया तकनीकी निरीक्षण और प्रशासनिक अनुमति पूरी होने के बाद आगे बढ़ेगी।

Aapni Awaj | बीकानेर खेल समाचार

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