बीकानेर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के आरोप में 7 MBBS छात्र निलंबित, परिजनों को किया तलब

22 Oct 2026 BIKANER
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बीकानेर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के आरोप में 7 MBBS छात्र निलंबित, परिजनों को किया तलब

बीकानेर। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में जूनियर MBBS विद्यार्थियों के साथ रैगिंग और उत्पीड़न के आरोपों के मामले में कॉलेज प्रशासन ने कार्रवाई की है। मामले में सात छात्रों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, संबंधित छात्रों के परिजनों को भी कॉलेज में बुलाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संस्थान में रैगिंग, अनुशासनहीनता और विद्यार्थियों को प्रताड़ित करने जैसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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एंटी रैगिंग कमेटी के तहत जांच जारी

मामले की जांच एंटी रैगिंग कमेटी के अंतर्गत गठित अनुशासन समिति और विभिन्न उप-समितियों द्वारा की जा रही है। जांच के दौरान संबंधित छात्रों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है। कॉलेज प्रशासन ने जांच को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने ली आपात बैठक

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने बुधवार को एंटी रैगिंग कमेटी के अंतर्गत गठित विभिन्न उप-समितियों की आपात बैठक लेकर मामले की समीक्षा की। बैठक में जांच की प्रगति और अब तक सामने आए तथ्यों पर चर्चा की गई। प्राचार्य ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जांच गंभीरता और निष्पक्षता के साथ की जाए।

प्रशासन ने यह भी कहा है कि शिकायत करने वाले विद्यार्थियों को किसी तरह की धमकी, दबाव या परेशानी का सामना न करना पड़े। पीड़ित विद्यार्थियों की सुरक्षा और पहचान की गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

डरने वाले छात्र ड्रॉप बॉक्स में दे सकेंगे शिकायत

रैगिंग के मामलों में कई बार जूनियर विद्यार्थी दबाव या भविष्य में परेशानी होने की आशंका के कारण खुलकर शिकायत नहीं कर पाते। इसे ध्यान में रखते हुए कॉलेज प्रशासन ने शिकायत दर्ज कराने का वैकल्पिक माध्यम उपलब्ध कराया है। जो विद्यार्थी सामने आकर अपनी बात कहने में असहज महसूस करते हैं, वे अपनी शिकायत या बयान लिखकर शिकायत बॉक्स यानी ड्रॉप बॉक्स में डाल सकते हैं।

इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को बिना भय के अपनी बात रखने का अवसर देना और जांच के दौरान किसी महत्वपूर्ण तथ्य को नजरअंदाज होने से बचाना है। प्रशासन ने शिकायतकर्ताओं की पहचान और गोपनीयता सुरक्षित रखने पर जोर दिया है।

सुरक्षित शैक्षणिक माहौल बनाए रखना प्राथमिकता

कॉलेज प्रशासन ने विद्यार्थियों को चेतावनी दी है कि रैगिंग के नाम पर किसी भी छात्र को मानसिक या शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना गंभीर अनुशासनहीनता है। संस्थान में सभी विद्यार्थियों को सुरक्षित और सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता बताई गई है।

फिलहाल जांच समिति आरोपी छात्रों के बयान, शिकायतों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Aapni Awaj | बीकानेर

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