‘सेव’ बिक गया या वार्ड के विकास का फैसला? ट्रोलिंग के बीच सामने आए शुभकरण गहलोत

19 Sep 2026 BIKANER
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‘सेव’ बिक गया या वार्ड के विकास का फैसला? ट्रोलिंग के बीच सामने आए शुभकरण गहलोत

बीकानेर। नगर निगम वार्ड नंबर 44 से निर्दलीय पार्षद चुने गए शुभकरण गहलोत महापौर चुनाव के बीच एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। भाजपा के महापौर प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह शेखावत के समर्थन में उनकी तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ यूजर्स उनके पुराने चुनावी बयानों को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि उनके समर्थक इसे एक पार्षद के स्वतंत्र राजनीतिक निर्णय के रूप में देख रहे हैं।

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‘सेव’ चुनाव चिन्ह से जीते थे शुभकरण

शुभकरण गहलोत ने नगर निगम चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर ‘सेव’ चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ा था। उनकी बीकानेरी अंदाज वाली रील्स और चुनावी प्रचार सोशल मीडिया पर काफी चर्चित रहे। चुनाव में उन्हें करीब 1,800 वोट मिले और उन्होंने वार्ड 44 से 630 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।

प्रचार के दौरान शुभकरण के कई वीडियो वायरल हुए थे। इनमें वह खुद को राजनीतिक दलों से अलग रखते हुए जनता के बीच अपनी बात रखते नजर आए थे। चुनाव प्रचार के दौरान विधायक रविंद्र सिंह भाटी की ओर से फोन पर उन्हें बधाई दिए जाने की बात भी सामने आई थी।

भाजपा के समर्थन में तस्वीर के बाद सोशल मीडिया पर तंज

महापौर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह शेखावत के समर्थन में शुभकरण गहलोत की तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कुछ यूजर्स उनके पुराने बयानों को याद करते हुए मौजूदा राजनीतिक फैसले पर सवाल उठा रहे हैं।

सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में ‘सेव बिक गया’ जैसे तंज किए जा रहे हैं। वहीं कुछ पोस्ट में ‘आजा सेव बिके, म्हारा शुभजी बिके’ जैसे कमेंट भी सामने आए हैं।

दूसरी ओर शुभकरण के समर्थन में भी लोग पोस्ट कर रहे हैं। पूर्व पार्षद मुकेश पंवार ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि महापौर चुनाव में मतदान करना पार्षद का अधिकार है और निर्दलीय पार्षद को स्वतंत्र रूप से अपना मत देने का अधिकार है। उन्होंने शुभकरण के समर्थन में #Istandwithshubhkaran भी लिखा।

वायरल ऑडियो में लाइब्रेरी के वादे का जिक्र

विवाद के बीच शुभकरण गहलोत से जुड़ा एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो में कथित तौर पर शुभकरण यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि महापौर चुनाव में वोट किसी न किसी प्रत्याशी को देना ही था। ऑडियो में भाजपा की ओर से उनके वार्ड में लाइब्रेरी बनाने का वादा किए जाने का भी जिक्र बताया जा रहा है।

हालांकि, वायरल ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए ऑडियो में कही गई बातों की सत्यता की पुष्टि संबंधित व्यक्ति के आधिकारिक बयान के बाद ही मानी जा सकती है।

‘सेव’ की जीत से अब ‘सेव’ पर ही सवाल

वार्ड 44 के चुनाव में ‘सेव’ शुभकरण गहलोत के प्रचार की पहचान बन गया था। चुनावी गीत ‘आजा सेव जीते... शुभजी जीते’ भी सोशल मीडिया पर चर्चित रहा था। अब महापौर चुनाव के सियासी समीकरणों के बीच वही ‘सेव’ सोशल मीडिया पर बहस का हिस्सा बन गया है।

समर्थकों का तर्क है कि महापौर चुनाव में पार्षद को किसी एक प्रत्याशी को ही वोट देना है और यदि वार्ड के विकास से जुड़ा कोई प्रस्ताव या वादा सामने आया है तो उसके आधार पर फैसला लेना पार्षद का अधिकार है। दूसरी ओर सवाल उठाने वाले लोग चुनाव प्रचार के दौरान सामने आए बयानों और मौजूदा फैसले की तुलना कर रहे हैं।

फिलहाल महापौर चुनाव से पहले वार्ड 44 के निर्दलीय पार्षद शुभकरण गहलोत का राजनीतिक रुख सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

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