बीकानेर। नगरीय निकाय चुनाव को लेकर बीकानेर जिले में वार्डों के आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिले की 1 नगर निगम और 6 नगर पालिकाओं के कुल 270 वार्डों में आरक्षण की स्थिति सामने आई है। इनमें 39 वार्ड एससी और 54 वार्ड ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं, जबकि 177 वार्ड सामान्य यानी ओपन रखे गए हैं। एसटी वर्ग के लिए जिले में कोई वार्ड आरक्षित नहीं किया गया है।
270 वार्डों में 76 महिलाओं के लिए आरक्षित
वार्ड आरक्षण की लॉटरी में महिलाओं के लिए भी अलग से आरक्षण किया गया है। बीकानेर जिले के नगरीय निकायों में कुल 76 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। आरक्षण की स्थिति सामने आने के बाद चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित दावेदारों की राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होने की संभावना है।
बीकानेर नगर निगम में सबसे ज्यादा 80 वार्ड
बीकानेर जिले के नगरीय निकायों में सबसे ज्यादा 80 वार्ड बीकानेर नगर निगम में हैं। इसके बाद नोखा नगर पालिका में 45 वार्ड हैं। वहीं श्रीडूंगरगढ़ नगर पालिका में 40 और लूणकरणसर में 35 वार्ड हैं। वार्डों के आरक्षण के बाद अब संबंधित क्षेत्रों में चुनावी समीकरण भी बदलने की चर्चा शुरू हो गई है।
पंचायतीराज संस्थाओं की वार्ड लॉटरी अचानक स्थगित
इधर, पंचायतीराज संस्थाओं के वार्डों के आरक्षण को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य सरकार ने 17 और 18 अगस्त को होने वाली पंचायतीराज संस्थाओं की लॉटरी प्रक्रिया स्थगित कर दी है। अब यह प्रक्रिया सितंबर में होगी।
नई तारीख के अनुसार प्रधानों, पंचायत समिति सदस्यों और जिला परिषद सदस्यों के वार्डों की लॉटरी 17 सितंबर को निकाली जाएगी। वहीं सरपंच और वार्ड पंचों के आरक्षण की लॉटरी 18 सितंबर को होगी।
एक महीने आगे बढ़ी लॉटरी
पहले पंचायत समिति प्रधान, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों के वार्डों की लॉटरी 17 अगस्त को जिला स्तर पर प्रस्तावित थी। इसी तरह 18 अगस्त को सरपंच और वार्ड पंचों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जानी थी। अब पंचायतीराज विभाग ने पूरी प्रक्रिया को करीब एक महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है।
इस बदलाव के बाद पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों को फिलहाल और इंतजार करना होगा। वहीं नगरीय निकायों के वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ने से शहर और कस्बों में चुनावी गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।





