बीकानेर में 65 साल के बुजुर्ग के खाते से उड़ाए लाखो रुपए ! क्रेडिट कार्ड के नाम पर आ रहे थे फोन

24 Aug 2026 BIKANER
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गंगाशहर। बीकानेर के गंगाशहर क्षेत्र में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। यहां एक 65 वर्षीय व्यक्ति के बैंक खाते से उसकी अनुमति के बिना 2 लाख 3 हजार 3 रुपये 54 पैसे निकाल लिए गए। खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित ने बैंक से संपर्क कर अपना खाता और क्रेडिट कार्ड आदि ब्लॉक करवाया तथा पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।

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पीड़ित की रिपोर्ट पर गंगाशहर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर साइबर ठगी के आरोपी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

बिना अनुमति खाते से निकल गए ₹2.03 लाख

पुलिस के अनुसार पुरानी लाइन, भट्टड़ स्कूल के पास रहने वाले पवन कुमार मारु का बचत खाता आईसीआईसीआई बैंक की गंगाशहर शाखा में है। पीड़ित ने रिपोर्ट में बताया कि 14 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 12:19 बजे उसके बैंक खाते से उसकी अनुमति के बिना 2,03,003.54 रुपये की राशि निकाल ली गई। रिपोर्ट में संबंधित ट्रांजेक्शन आईडी भी दर्ज करवाई गई है।

पीड़ित के मुताबिक उसने खुद यह ट्रांजेक्शन नहीं किया था और न ही उसने इस राशि को निकालने की अनुमति किसी अन्य व्यक्ति को दी थी। अचानक खाते से इतनी बड़ी रकम निकलने के बाद उसे साइबर ठगी का शक हुआ।

रुपये निकलते ही बैंक को दी सूचना

खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलते ही पवन कुमार ने तत्काल आईसीआईसीआई बैंक के टोल फ्री नंबर पर संपर्क किया। उन्होंने बैंक को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और खाते के साथ क्रेडिट कार्ड आदि को ब्लॉक करवाने के लिए शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद उन्होंने पुलिस में भी मामले की शिकायत दी।

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसके साथ ठगी की घटना एक ही बार हुई, हालांकि इस संबंध में उसने अलग-अलग स्तर पर शिकायतें दर्ज करवाई थीं। पुलिस अब शिकायत और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

9395032418 नंबर से लगातार आ रहे थे फोन

मामले में एक मोबाइल नंबर भी पुलिस जांच के केंद्र में है। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसके मोबाइल पर 9395032418 नंबर से लगातार क्रेडिट कार्ड के संबंध में फोन आ रहे थे। पीड़ित को आशंका है कि इसी नंबर से संपर्क करने वाले व्यक्ति की साइबर ठगी में भूमिका हो सकती है।

हालांकि पुलिस जांच पूरी होने से पहले मोबाइल नंबर से जुड़े व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जा सकता। पुलिस तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम किस खाते या माध्यम में ट्रांसफर हुई और इस ट्रांजेक्शन के पीछे कौन लोग शामिल हैं।

बैंक ट्रांजेक्शन और मोबाइल नंबर की जांच

गंगाशहर पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एएसआई गजेंद्र सिंह को मामले की जांच सौंपी गई है। पुलिस बैंक से ट्रांजेक्शन की पूरी जानकारी जुटाने के साथ संबंधित मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।

जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि खाते से निकाली गई रकम किस माध्यम से ट्रांसफर या निकाली गई और इसके बाद रकम कहां पहुंची। पुलिस साइबर ठगी के तरीके और आरोपी की पहचान को लेकर तकनीकी जांच कर रही है।

साइबर ठगी से बचने के लिए रहें सतर्क

बैंक और क्रेडिट कार्ड से जुड़े किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंकिंग जानकारी, OTP, PIN, CVV या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड करने से भी बचना जरूरी है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश के लिए तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। बैंक ट्रांजेक्शन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रकम किस तरीके से निकाली गई और साइबर ठगी के पीछे कौन व्यक्ति या गिरोह शामिल है।

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