श्रीडूंगरगढ़ में खेजड़ी पर चली आरी! रात के अंधेरे में सेकड़ो पेड़ काटने का आरोप

24 Aug 2026 BIKANER
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श्रीडूंगरगढ़। क्षेत्र के कितासर बिदावतान गांव में खेजड़ी के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। आरोप है कि पहले खेजड़ी के पेड़ों की छांगाई की गई और इसके बाद रात के अंधेरे में आरी चलाकर बड़ी संख्या में पेड़ों को काट दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार मौके पर 70 से अधिक खेजड़ी के पेड़ कटे हुए मिले हैं।

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घटना सामने आने के बाद गांव में माहौल गरमा गया। ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और कटे हुए पेड़ों को देखकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में प्रस्तावित सोलर प्लांट के लिए खेजड़ी के पेड़ों की कटाई की गई है। हालांकि इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

पहले छांगाई, फिर रात में पेड़ों पर चली आरी!

ग्रामीणों के अनुसार खेजड़ी के पेड़ों को पहले काट-छांटकर कमजोर किया गया और बाद में रात के समय उन्हें पूरी तरह काट दिया गया। जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली तो वे मौके पर पहुंचे। वहां बड़ी संख्या में कटे हुए पेड़ पड़े मिले, लेकिन पेड़ों की कटाई करने वाले लोग मौके से फरार हो चुके थे।

ग्रामीणों का कहना है कि एक साथ इतनी बड़ी संख्या में खेजड़ी के पेड़ों की कटाई सामान्य घटना नहीं है। उनका आरोप है कि यह कटाई किसी योजना के तहत की गई है और इसके पीछे प्रस्तावित सोलर प्लांट से जुड़ी गतिविधियां हो सकती हैं।

मौके पर मिले 70 से ज्यादा कटे हुए पेड़

ग्रामीणों के मुताबिक घटनास्थल पर 70 से अधिक खेजड़ी के पेड़ कटे हुए मिले हैं। पेड़ों के तने और शाखाएं मौके पर ही पड़ी हुई थीं। घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।

ग्रामीणों ने कहा कि खेजड़ी राजस्थान के पर्यावरण और ग्रामीण जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे पेड़ों की अवैध कटाई से क्षेत्र के पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ सकता है।

वन विभाग और पुलिस पहुंची मौके पर

घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर कटे हुए पेड़ों की स्थिति की जानकारी जुटाई। फिलहाल यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पेड़ों की कटाई किसने की और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था।

जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि जिस क्षेत्र में पेड़ों की कटाई हुई है, वहां किसी प्रकार की वैध अनुमति ली गई थी या नहीं। यदि बिना अनुमति पेड़ों की कटाई किए जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

सोलर प्लांट के लिए कटाई का आरोप, जांच के बाद होगा खुलासा

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में प्रस्तावित सोलर प्लांट के लिए जमीन तैयार करने के उद्देश्य से खेजड़ी के पेड़ों को काटा गया है। हालांकि अभी तक प्रशासन या वन विभाग की ओर से इस आरोप की पुष्टि नहीं की गई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पेड़ों की कटाई किस उद्देश्य से और किसके निर्देश पर की गई।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और कटे हुए पेड़ों की संख्या तथा कटाई की परिस्थितियों का भी रिकॉर्ड तैयार किया जाए।

ग्रामीणों में भारी रोष

ग्रामीणों का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से खेजड़ी के पेड़ों का विशेष महत्व है। ऐसे पेड़ों की कटाई किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने और क्षेत्र में पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

फिलहाल वन विभाग और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि कितने पेड़ काटे गए, कटाई किसने की और क्या यह कार्रवाई किसी प्रस्तावित परियोजना से जुड़ी हुई थी।

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