दुसारना पीपासरिया में चुनाव बहिष्कार, 718 मतदाताओं में से किसी ने नहीं डाला वोट
बीकानेर | Aapni Awaj
पंचायती राज चुनावों में दुसारना पीपासरिया गांव के ग्रामीणों ने मतदान से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य के चुनाव में गांव के 718 मतदाताओं में से एक भी वोट नहीं पड़ा। गुरुवार को पंच-सरपंच चुनाव में भी ग्रामीणों ने मतदान नहीं किया। गांव की मतपेटियां खाली ही लौटा दी गईं।
ग्रामीणों का विरोध दुसारना पीपासरिया को कोटासर ग्राम पंचायत में शामिल किए जाने को लेकर है। परिसीमन के समय से ही ग्रामीण इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन को कई ज्ञापन सौंपे और पंचायती राज चुनावों के बहिष्कार की घोषणा की थी।
नई ग्राम पंचायत बनाने या पुराने क्षेत्र में शामिल करने की मांग
ग्रामीणों की मांग है कि दुसारना पीपासरिया को अलग ग्राम पंचायत बनाया जाए या फिर पूर्व की भांति दुसारना पंडरिकजी में शामिल किया जाए। इसी मांग को लेकर ग्रामीण कोटासर बूथ पर मतदान करने नहीं पहुंचे।
गुरुवार को पंच-सरपंच चुनाव के दौरान भी ग्रामीण धरना स्थल पर बैठे रहे और मतदान में भागीदारी नहीं निभाई। ग्रामीणों ने आगामी दिनों में जिला मुख्यालय पर धरना देने की चेतावनी भी दी है।
कोटासर पंचायत में 1,593 मतदाता, पीपासरिया बूथ पर शून्य मतदान
कोटासर ग्राम पंचायत में कुल 1,593 मतदाता और 7 वार्ड हैं। बूथ संख्या 51 पर कोटासर गांव के 875 मतदाता हैं, जहां सरपंच पद के लिए दो प्रत्याशी मैदान में हैं।
वहीं बूथ संख्या 52 पर दुसारना पीपासरिया के 718 मतदाता दर्ज हैं। गांव के किसी भी मतदाता ने वोट नहीं डाला। परिसीमन के विरोध में ग्रामीणों के चुनाव बहिष्कार के चलते पीपासरिया की मतपेटियां खाली लौटीं।
प्रशासन के सामने ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मांग को लेकर प्रशासन को पहले भी ज्ञापन दिए जा चुके हैं। अब चुनावों में मतदान नहीं कर विरोध जताया गया है। ग्रामीणों ने मांग पूरी नहीं होने पर जिला मुख्यालय पर धरना देने की बात कही है।






