जयपुर में फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा, अमेरिकी नागरिकों से कथित ठगी के आरोप में 10 गिरफ्तार
जयपुर, राजस्थान। जयपुर के भांकरोटा थाना क्षेत्र में अमेरिकी नागरिकों को तकनीकी सहायता देने के नाम पर कथित ऑनलाइन ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का पुलिस ने खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 8 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं। मौके से 19 मोबाइल फोन, 12 लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं। पुलिस अब कॉल सेंटर के कामकाज, कथित ठगी के तरीके और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
छापेमारी कर 10 लोगों को किया गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई के दौरान भांकरोटा इलाके में संचालित इस कॉल सेंटर का पता चला। पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर वहां मौजूद 10 लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में हरियाणा, असम, पश्चिम बंगाल, नागालैंड, मणिपुर और अन्य क्षेत्रों के निवासी शामिल बताए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम हर्ष चौहान, कृष्ण, आकाशी लाबा, खोजा, केवी, निशांत, रविंद्र कुमार, अंकित, दिया गुरुजी और लिशीनी बताए गए हैं। पुलिस प्रत्येक आरोपी की कथित भूमिका की जांच कर रही है। मामले में आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।
आईफोन की तकनीकी समस्या ठीक करने के नाम पर संपर्क
प्रारंभिक पूछताछ के अनुसार, कॉल सेंटर में कथित तौर पर X Lite सॉफ्टवेयर और TFN नंबरों के माध्यम से अमेरिकी नागरिकों से संपर्क किया जाता था। आईफोन में तकनीकी समस्या दूर करने का भरोसा देकर ग्राहकों को सहायता उपलब्ध कराने के नाम पर शुल्क वसूले जाने की बात सामने आई है।
पुलिस अब जब्त किए गए मोबाइल फोन और लैपटॉप में उपलब्ध डिजिटल जानकारी की जांच कर रही है, ताकि कथित कॉलिंग सिस्टम, ग्राहकों से संपर्क करने के तरीकों और संभावित वित्तीय लेनदेन का पता लगाया जा सके।
बैंक अधिकारी बनकर गोपनीय जानकारी लेने का आरोप
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि गिरोह में शामिल एक युवती कथित तौर पर बैंक अधिकारी बनकर ग्राहकों से बातचीत करती थी। आरोप है कि ग्राहकों का विश्वास जीतने के बाद उनसे बैंक खातों से संबंधित गोपनीय जानकारी हासिल की जाती थी।
जांच के अनुसार, यह जानकारी कथित तौर पर टेलीग्राम ग्रुप में साझा की जाती थी और इसका इस्तेमाल बैंक खातों से रकम निकालने के लिए किए जाने की आशंका है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस प्रक्रिया में कौन-कौन शामिल था और जानकारी का इस्तेमाल किस तरह किया गया।
करोड़ों रुपये की ठगी की आशंका, जांच जारी
पुलिस को संदेह है कि इस नेटवर्क के जरिए अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई हो सकती है। हालांकि, कथित ठगी की कुल रकम, प्रभावित लोगों की संख्या और प्रत्येक आरोपी की भूमिका के बारे में अंतिम जानकारी सामने आना बाकी है।
जांच में टेलीग्राम ग्रुप के संचालकों, कथित वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस द्वारा जब्त किए गए 19 मोबाइल फोन और 12 लैपटॉप की जांच से मामले में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
महत्वपूर्ण: गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। गिरफ्तारी अपने आप में अपराध सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।
Aapni Awaj | Jaipur Crime News






