जयपुर में बड़ा खुलासा! सील फैक्ट्री में नमक के कचरे से बन रहा था नकली पोटाश, किसानों से धोखे का खेल उजागर

20 Jun 2026 STATE
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जयपुर में बड़ा खुलासा! सील फैक्ट्री में नमक के कचरे से बन रहा था नकली पोटाश, किसानों से धोखे का खेल उजागर

जयपुर: राजस्थान में किसानों को बेचे जा रहे नकली उर्वरकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने जयपुर में फर्टिलाइजर से जुड़ी तीन फैक्ट्रियों और गोदामों पर छापेमारी की।

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सील फैक्ट्री में बन रहा था नकली म्यूरेट ऑफ पोटाश

जयपुर के वीकेआई क्षेत्र स्थित नंदी फर्टिलाइजर्स की सील की गई इकाई को खुलवाकर औचक निरीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि यहां नमक के अपशिष्ट यानी कचरे से म्यूरेट ऑफ पोटाश (MOP) तैयार किया जा रहा था।

कृषि मंत्री ने इसे किसानों के साथ बड़ा धोखा बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

फर्टिलाइजर पर नहीं थी जरूरी जानकारी

निरीक्षण के दौरान कई उत्पादों पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और अन्य जरूरी जानकारियां उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO)-1985 के नियमों के अनुसार अंकित नहीं मिलीं।

बिना अनुमति बायो-स्टिमुलेंट की सप्लाई का खुलासा

रोड नंबर-7 स्थित समृद्धि सर्विसेज के सीएंडएफ गोदाम पर जांच में बिना अनुमति बायो-स्टिमुलेंट की सप्लाई का मामला सामने आया। राजस्थान में इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लागू है।

वहीं चित्तारी एग्री केयर कंपनी के गोदाम में भी बिना अनुमति वाले कृषि उत्पाद और बिना लाइसेंस के तरल व किण्वित ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर मिले।

सब्सिडी घोटाले की भी जांच शुरू

अधिकारियों को आशंका है कि कुछ उत्पादों पर केंद्र सरकार की सब्सिडी का गलत तरीके से लाभ उठाया गया हो सकता है। मामले की गहन जांच की जा रही है।

दोषियों पर होगी FIR

कृषि मंत्री ने संदिग्ध उर्वरकों की बिक्री रोकने, सैंपल जांच के लिए भेजने और दोषी कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सरकार ने साफ किया है कि किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

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