झुंझुनूं के रॉयल गांव में 500 बेटियों, बहनों और बुआओं का स्नेह मिलन समारोह, पांच दिन तक छाया अपनत्व का माहौल
झुंझुनूं: बदलते समय के साथ बिसरती जा रही अपनत्व और सामाजिक समरसता की परम्परा को फिर से जीवंत करने की अनूठी पहल झुंझुनूं जिले के रॉयल गांव में देखने को मिली। यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन के संस्थापक मेघराज सिंह ‘रॉयल’ की पहल पर गांव में ‘बुआ, बहन, बेटी स्नेह मिलन समारोह’ आयोजित किया गया। इसमें सर्व समाज की करीब 500 बेटियों, बहनों और बुआओं को आमंत्रित किया गया।
समारोह में गांव के लोगों ने महिलाओं का पारम्परिक तरीके से स्वागत किया। इस दौरान बेटियों को साड़ी, वस्त्र और अन्य उपहार भेंट किए गए। उनके स्वागत और भोजन के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गईं। आयोजन के चलते पांच दिनों तक गांव में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
वर्षों बाद पीहर पहुंचीं बेटियां, भावुक हुए परिवार
इस आयोजन में कई बेटियां वर्षों बाद अपने पीहर लौटीं। कहीं बहन अपने मायके पहुंची तो कहीं बुआ का स्वागत हुआ। बचपन की सखियों से मुलाकात और गांव की गलियों में पुरानी यादों को फिर से जीने का मौका मिला। अपनों का स्नेह और गांव से जुड़ी यादें कई महिलाओं के लिए भावुक पल बन गईं।
‘हर बेटी पूरे गांव की बेटी है’
मेघराज सिंह ‘रॉयल’ ने आयोजन के उद्देश्य पर कहा कि पहले जब कोई बेटी ससुराल से पीहर आती थी, तो पूरा गांव उससे मिलने पहुंचता था। जमाई की आवभगत में भी ग्रामीण बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे और बेटी की विदाई पर गांव की महिलाएं भावुक हो जाती थीं। यह परम्परा आपसी प्रेम, सहयोग और सामाजिक समरसता का प्रतीक थी।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल बेटियों का सम्मान करना नहीं, बल्कि समाज में जातिगत भेदभाव को कम करना और सभी वर्गों के बीच अपनत्व की भावना को मजबूत करना भी है। उनका संदेश है कि हर बेटी पूरे गांव की बेटी है।
सामूहिक सहयोग से सफल हुआ आयोजन
ब्रिगेडियर जितेन्द्र सिंह ने आयोजन की सफलता में सामूहिक सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कोई भी बड़ा आयोजन केवल आर्थिक संसाधनों से सफल नहीं होता, बल्कि इसके लिए परिवार का समर्पण, ग्रामीणों का सहयोग और गांव के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी होती है।
रॉयल गांव में आयोजित यह स्नेह मिलन समारोह पुरानी सामाजिक परम्पराओं, पारिवारिक रिश्तों और सर्व समाज के बीच आपसी सद्भाव को फिर से मजबूत करने की एक पहल के रूप में सामने आया।
Aapni Awaj | झुंझुनूं







