महाजन पुलिस की एक महीने में दूसरी बड़ी कार्रवाई: 1.26 करोड़ की शराब जब्त, 1455 पेटियां पकड़ीं
महाजन (बीकानेर)। अवैध शराब तस्करी के खिलाफ महाजन पुलिस ने अक्टूबर माह में दो बड़ी कार्रवाइयां करते हुए कुल 1,455 पेटी शराब जब्त की है। दोनों कार्रवाइयों में जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 26 लाख रुपए बताई जा रही है। लगातार हुई इन कार्रवाइयों से क्षेत्र में सक्रिय शराब तस्करी के नेटवर्क को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
18 अक्टूबर को भारतमाला हाईवे पर पकड़ी 780 पेटी शराब
महाजन पुलिस ने 18 अक्टूबर को भारतमाला हाईवे पर कार्रवाई करते हुए 780 पेटी अवैध शराब जब्त की थी। जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 72 लाख रुपए बताई गई थी। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने अवैध शराब परिवहन के खिलाफ निगरानी बढ़ाई।
31 अक्टूबर को NH-62 पर 675 पेटियां जब्त
इसके बाद 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजमार्ग-62 पर महाजन बस स्टैंड के पास पुलिस ने दूसरी बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान कैंटर वाहन से चंडीगढ़ निर्मित अंग्रेजी शराब की 675 पेटियां जब्त की गईं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 54 लाख रुपए आंकी गई। पुलिस ने शराब परिवहन में इस्तेमाल कैंटर को जब्त कर चालक को गिरफ्तार किया।
एक महीने में 1.26 करोड़ की शराब जब्त
अक्टूबर माह की दोनों कार्रवाइयों में पुलिस ने कुल 1,455 पेटी अवैध शराब जब्त की है। इनकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 26 लाख रुपए है। लगातार सामने आ रही शराब की बड़ी खेपों से क्षेत्र में शराब तस्करी के नेटवर्क की सक्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कच्चे रास्तों से भी हो सकती है शराब की सप्लाई
क्षेत्र में छोटे-बड़े स्थानीय शराब तस्करों के सक्रिय होने की भी चर्चा है। आशंका जताई जा रही है कि कुछ तस्कर कच्चे रास्तों का इस्तेमाल कर चोरी-छिपे शराब की खेप ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाते हैं और फिर अलग-अलग स्थानों पर इसकी सप्लाई करते हैं।
ऐसे में केवल मुख्य हाईवे पर निगरानी ही नहीं, बल्कि ग्रामीण संपर्क मार्गों और कच्चे रास्तों पर भी सतर्कता जरूरी है।
पंचायत चुनाव के दौरान पुलिस के सामने चुनौती
पंचायत चुनाव के मद्देनजर अवैध शराब की खरीद-फरोख्त और संभावित वितरण पर अंकुश लगाना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव के दौरान शराब का अवैध वितरण निष्पक्ष मतदान की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
लगातार हो रही बड़ी कार्रवाइयों के बावजूद तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए हाईवे के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाने की जरूरत है। चुनाव की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अवैध शराब की आपूर्ति रोकना और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करना अहम होगा।






