टिकट विवाद पर महावीर रांका का पलटवार! बोले- नेताओं के कहने पर भरा था आवेदन, बयान से हुई तकलीफ
बीकानेर। नगर निकाय चुनाव में टिकट वितरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर चल रही सियासी चर्चाओं के बीच अब महावीर रांका ने खुलकर अपनी बात रखी है। निकाय चुनाव सह प्रभारी महावीर राज सैनी के बयान के बाद रांका ने पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने स्वयं फोन कर टिकट के लिए आवेदन करने को कहा था।
दरअसल, महावीर राज सैनी ने हाल ही में कहा था कि महावीर रांका का टिकट काटने का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि वे पार्टी की फाइनलिस्ट सूची में शामिल ही नहीं थे। इस बयान के बाद रांका ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कई सवाल खड़े किए हैं।
वरिष्ठ नेताओं ने फोन कर कहा था आवेदन भरने को
महावीर रांका ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के कहने पर ही उन्होंने टिकट के लिए आवेदन किया था। उन्होंने बताया कि सत्यप्रकाश आचार्य और शहर अध्यक्ष सुमन छाजेड़ ने उन्हें फोन कर जल्द आवेदन भरने के लिए कहा था।
रांका के अनुसार, शहर अध्यक्ष सुमन छाजेड़ ने उनसे कहा था कि आवेदन करने की अंतिम तारीख है और भीड़ अधिक है, इसलिए जल्द फार्म भर दिया जाए। इसके बाद उन्होंने पार्टी की प्रक्रिया के अनुसार अपना आवेदन किया।
पहले पता होता तो निर्दलीय नामांकन भी भरता!
महावीर रांका ने कहा कि अगर उन्हें पहले से यह जानकारी होती कि उनका नाम पार्टी की विचाराधीन सूची में ही नहीं है, तो वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करने पर भी विचार कर सकते थे।
उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं थी और पार्टी के अधिकृत पदाधिकारियों के कहने पर ही उन्होंने आवेदन प्रक्रिया पूरी की।
सैनी के बयान से हुई तकलीफ
निकाय चुनाव सह प्रभारी महावीर राज सैनी के बयान पर नाराजगी जाहिर करते हुए रांका ने कहा कि आखिर वे किस सोच के साथ यह कह रहे हैं कि पार्टी ने आवेदन करने के लिए नहीं कहा, यह वही जानते हैं।
रांका ने कहा कि पार्टी के एक सच्चे सिपाही के लिए इस तरह का बयान उचित नहीं है और इस बयान से उन्हें निश्चित रूप से तकलीफ हुई है।
फिर भी पार्टी के साथ खड़े रहने का ऐलान
टिकट को लेकर नाराजगी जाहिर करने के बावजूद महावीर रांका ने भारतीय जनता पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि जिंदगी का यह अंतिम चुनाव नहीं है और पार्टी जिसे भी टिकट देगी, वे उसके साथ खड़े रहेंगे।
रांका के इस बयान के बाद बीकानेर भाजपा की राजनीति में टिकट वितरण को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। आवेदन भरने के लिए पार्टी नेताओं द्वारा फोन किए जाने और बाद में फाइनल सूची में नाम नहीं आने को लेकर अब राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
नगर निकाय चुनाव के बीच भाजपा नेताओं के इन बयानों ने बीकानेर की सियासत को और गर्म कर दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पार्टी इस बयानबाजी को किस तरह शांत करती है और चुनावी मैदान में संगठन की एकजुटता कितनी मजबूत दिखाई देती है।





