पीबीएम में प्रसूता मौत मामला गरमाया: शारदा का शव लेने से परिजनों का इनकार, मोर्चरी के बाहर धरना
बीकानेर। पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और किडनी फेल होने के मामले में विवाद बढ़ता जा रहा है। रविवार को उपचार के दौरान शारदा नाम की प्रसूता की मौत के बाद सोमवार को परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया और मोर्चरी के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार शारदा ने 3 जून को ऑपरेशन के जरिए पुत्र को जन्म दिया था। इसके बाद तबीयत बिगड़ने पर 5 जून को उसे पीबीएम अस्पताल के मेडिसिन आईसीयू में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने के बाद वह कई दिनों तक वेंटिलेटर पर रही।
किडनी फेल होने के बाद बिगड़ती गई हालत
परिजनों के अनुसार शारदा की किडनी फेल हो गई थी और शरीर में कई गंभीर जटिलताएं हो गई थीं। उपचार के दौरान रविवार को उसने दम तोड़ दिया। शव को मोर्चरी में रखवाया गया था, लेकिन पोस्टमार्टम से पहले परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया।
मुआवजा और कार्रवाई की मांग
धरने पर बैठे परिजनों और कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। इनमें पीड़ित परिवार को मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी, और इलाज में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शामिल है।
संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा ने परिजनों से वार्ता की। इस दौरान जिला कलेक्टर निशांत जैन सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। करीब दो घंटे चली बातचीत के बाद भी मुख्य मांगों पर सहमति नहीं बन सकी।
दो प्रसूताओं की हो चुकी है मौत
पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल होने और संक्रमण के चलते अब तक दो प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। मामले को लेकर परिजन और विपक्ष लगातार जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
आईसीयू में भर्ती कमला की हालत गंभीर
अस्पताल प्रशासन के अनुसार आईसीयू में भर्ती कमला की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। वहीं इमरती की स्थिति में सुधार होने के बाद उसे डिस्चार्ज करने की तैयारी है।
अस्पताल प्रशासन और मेडिकल बोर्ड पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन स्तर पर भी जांच जारी है।




