दो महीने से जाम सीवरेज, एसबीआई पीपी ब्रांच के अंदर और बाहर के हालात बदहाल
बीकानेर: शहर में सीवरेज और क्षतिग्रस्त सड़कों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। इसका ताजा उदाहरण एसबीआई की पीपी ब्रांच के बाहर देखने को मिल रहा है, जहां पिछले करीब दो महीने से सीवरेज जाम पड़ा हुआ है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि ओवरफ्लो होने वाला गंदा पानी अब बैंक परिसर तक पहुंचने लगा है। इससे बैंक आने वाले ग्राहकों और कर्मचारियों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एसबीआई पीपी ब्रांच शहर की प्रमुख बैंक शाखाओं में से एक है, जहां बैंकिंग सेवाओं के साथ-साथ एटीएम और कैश डिपॉजिट मशीन (CDM) भी संचालित हैं। शाखा में प्रतिदिन सैकड़ों ग्राहक विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचते हैं, लेकिन सीवरेज समस्या के कारण लोगों को बदबू और गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है।
दो महीने से नहीं हुई समस्या का समाधान
बैंक अधिकारियों के अनुसार सीवरेज लाइन की नियमित सफाई नहीं होने के कारण पिछले दो महीने से गंदा पानी जमा हो रहा है। समस्या को लेकर कई बार नगर निगम प्रशासन को लिखित शिकायतें भेजी गईं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
बैंक प्रशासन का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे स्थिति दिन-प्रतिदिन और खराब होती जा रही है।
ग्राहकों को हो रही भारी परेशानी
बैंक के नियमित ग्राहक मुकेश शर्मा ने बताया कि विशेषकर बारिश के दिनों में बैंक और एटीएम तक पहुंचना किसी परीक्षा से कम नहीं होता। गंदा पानी, दुर्गंध और कीचड़ के कारण लोग बैंक आने से भी कतराने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि कई बुजुर्ग और महिलाएं बैंक तक पहुंचने में असुविधा महसूस करती हैं। वहीं व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं को भी दैनिक बैंकिंग कार्यों के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
पत्थरों के सहारे बनाया अस्थायी रास्ता
स्थिति से राहत दिलाने के लिए बैंक कर्मचारियों ने अपने स्तर पर अस्थायी व्यवस्था की है। कर्मचारियों ने गंदे पानी के बीच बड़े-बड़े पत्थर रखवाकर एक अस्थायी रास्ता तैयार किया है, ताकि ग्राहक बिना पानी में उतरे बैंक परिसर तक पहुंच सकें।
हालांकि यह व्यवस्था केवल अस्थायी राहत प्रदान कर रही है और स्थायी समाधान की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है।
बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक सीवरेज का पानी जमा रहने से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। गंदे पानी से निकलने वाली दुर्गंध भी आसपास के वातावरण को प्रभावित कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून शुरू होने से पहले यदि सीवरेज लाइन की सफाई नहीं की गई तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। भारी बारिश के दौरान जलभराव बढ़ने से आसपास के क्षेत्र में स्वास्थ्य संकट खड़ा होने की आशंका है।
स्थानीय लोगों ने की त्वरित कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और बैंक ग्राहकों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि सीवरेज समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। लोगों का कहना है कि शहर की प्रमुख बैंक शाखा के बाहर इस तरह की स्थिति प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है।
नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो समस्या मानसून के दौरान और विकराल रूप धारण कर सकती है। ऐसे में प्रशासन को तत्काल सीवरेज लाइन की सफाई करवाकर लोगों को राहत प्रदान करनी चाहिए।
शहर के बीचोंबीच स्थित एक महत्वपूर्ण बैंक शाखा के बाहर दो महीने से जाम सीवरेज का बने रहना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है। अब लोगों को उम्मीद है कि जिम्मेदार विभाग जल्द कार्रवाई कर इस समस्या से निजात दिलाएगा।




