बज्जू में फर्जी वसीयतनामे से जमीन बेचने का आरोप, आठ नामजद सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज

23 Oct 2026 BIKANER
Advertisement

बज्जू में फर्जी वसीयतनामे से जमीन बेचने का आरोप, आठ नामजद सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज

बज्जू क्षेत्र में कृषि भूमि के कथित फर्जी वसीयतनामे के आधार पर नामांतरण करवाने और बाद में जमीन बेचने का मामला सामने आया है। बीकानेर निवासी लक्ष्मी देवी की ओर से न्यायालय सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, बज्जू में परिवाद पेश किया गया। न्यायालय में पेश परिवाद के आधार पर बज्जू पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले का अनुसंधान सहायक उपनिरीक्षक झंवरलाल को सौंपा गया है।

Advertisement

12.6450 हेक्टेयर कृषि भूमि को लेकर विवाद

परिवाद के अनुसार, लक्ष्मी देवी के पिता स्वर्गीय गोरधन पुत्र रतनलाल के नाम ग्राम 17 आरडीवाई, पटवार हल्का रणजीतपुरा, तहसील बज्जू क्षेत्र में मुरब्बा संख्या 118/55 और 118/63 की कुल 12.6450 हेक्टेयर कृषि भूमि गैर खातेदारी आवंटन के तहत दर्ज थी। परिवाद में बताया गया कि उनके पिता का निधन 19 फरवरी 2020 को हो गया था।

आरोप है कि पिता की मृत्यु के बाद जमीन को लेकर कथित रूप से फर्जी और कूटरचित वसीयतनामा तैयार किया गया, जिस पर मृतक के फर्जी हस्ताक्षर किए जाने की बात कही गई है।

नामांतरण संख्या 69 और 70 पर उठाए सवाल

परिवादिनी ने आरोप लगाया कि हरि सिंह ने कथित वसीयतनामे के आधार पर कृषि भूमि का नामांतरण अपने नाम करवाने का प्रयास किया। शिकायत के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान राजस्व विभाग में आपत्तियां भी प्रस्तुत की गई थीं। परिवाद में वारिसों के नाम विरासत का नामांतरण दर्ज होने के बावजूद उसे निरस्त किए जाने और बाद में कथित वसीयतनामे के आधार पर दोबारा नामांतरण करवाने पर सवाल उठाए गए हैं।

परिवाद में दावा किया गया है कि 19 अगस्त 2025 को नामांतरण संख्या 69 के जरिए भूमि हरि सिंह के नाम दर्ज करवाई गई। इसके बाद 1 सितंबर 2025 को नामांतरण संख्या 70 के माध्यम से उक्त कृषि भूमि रामदेव सिंह को बेचे जाने का आरोप लगाया गया है।

दस्तावेजों की जांच और मिलीभगत के आरोप

परिवाद में आठ नामजद व्यक्तियों सहित अन्य लोगों पर कथित मिलीभगत, फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने और उनका इस्तेमाल कर अनुचित लाभ लेने के आरोप लगाए गए हैं। परिवादिनी ने राजस्व रिकॉर्ड में की गई कार्रवाई के दौरान वसीयतनामे की जांच, दस्तावेजों की ऑनलाइन स्कैनिंग और सभी कानूनी वारिसों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं।

पहले पुलिस को दी शिकायत, फिर न्यायालय पहुंची परिवादिनी

लक्ष्मी देवी के अनुसार, उन्होंने पहले बज्जू थाने में शिकायत दी थी। कार्रवाई नहीं होने पर 16 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक, बीकानेर को रजिस्टर्ड डाक से परिवाद भेजा गया। इसके बाद 29 सितंबर 2026 को न्यायालय में परिवाद पेश कर मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच करवाने की मांग की गई।

पुलिस ने परिवाद के आधार पर मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। वसीयतनामे, हस्ताक्षरों, राजस्व रिकॉर्ड और जमीन के हस्तांतरण से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

Aapni Awaj | बीकानेर क्राइम न्यूज

Advertisement
Share: