कतरियासर में जल ग्रहण परियोजना के नाम पर पेड़ कटाई का आरोप, हिरणों के अस्तित्व पर संकट; ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज
बीकानेर | Aapni Awaj
बीकानेर जिले के प्रसिद्ध धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल कतरियासर में जल ग्रहण विकास परियोजना के तहत बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई किए जाने का आरोप सामने आया है। ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने इससे क्षेत्र के वन्यजीवों, विशेष रूप से हिरणों के प्राकृतिक आवास पर संकट की आशंका जताई है। मामले को लेकर भारत तिब्बत सहयोग मंच के जिलाध्यक्ष मुकेश बन ने जिला प्रशासन, वन विभाग और पुलिस प्रशासन से हस्तक्षेप कर कार्रवाई की मांग की है।
मुकेश बन ने कहा कि कतरियासर सिद्ध समाज के आराध्य गुरु जसनाथ जी महाराज और माता काल्लदे की पावन अवतरण भूमि है। यह क्षेत्र धार्मिक परंपराओं के साथ प्राकृतिक संपदा और वन्यजीव संरक्षण के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का विरोध नहीं है, लेकिन पर्यावरण और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाकर निर्माण कार्य करना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ठेकेदार और कंपनी पर पेड़ कटाई का आरोप
भारत तिब्बत सहयोग मंच के जिला संयोजक (प्रगति प्रकोष्ठ) रामकिशन सिद्ध ने आरोप लगाया कि जल ग्रहण योजना के तहत ठेकेदार पप्पू राम और विकास कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से पेड़ों की कटाई की जा रही है। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर प्रशासनिक अनुमति का हवाला देकर उन्हें डराया-धमकाया गया। रामकिशन सिद्ध का आरोप है कि ग्रामीणों की शिकायतों पर भी संबंधित अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया।
जामसर थाने में नामजद FIR दर्ज
मामले को लेकर रामकिशन सिद्ध ने जामसर पुलिस थाने में संबंधित ठेकेदार और कंपनी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस से कथित धमकियों, अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की वैधता और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
प्रशासन के सामने रखीं ये मांगें
- कतरियासर में चल रहे जल ग्रहण कार्य और पेड़ों की कटाई की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- जांच पूरी होने तक क्षेत्र में पेड़ों की कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए।
- ठेकेदार पप्पू राम और विकास कंस्ट्रक्शन कंपनी को जारी कथित अनुमति पत्रों की जांच हो।
- वन विभाग के संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाए।
- क्षेत्र में विचरण करने वाले हिरणों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखा जाए।
- ग्रामीणों को कथित रूप से धमकाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
मुकेश बन ने कहा कि कतरियासर की आध्यात्मिक गरिमा और प्राकृतिक संतुलन की रक्षा करना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने पेड़ों की कटाई पर रोक लगाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो पर्यावरण प्रेमियों और ग्रामीणों को साथ लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
फिलहाल ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर वन्यजीवों और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।






