बीकानेर में अकरम हत्याकांड: परिजनों का धरना समाप्त, पुलिस के आश्वासन पर शव लेने को हुए राजी; नशे के खिलाफ आवाज उठाने पर हत्या का आरोप
बीकानेर | Aapni Awaj
बीकानेर में बीती रात हुई चाकूबाजी की घटना में घायल अकरम की पीबीएम अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक की मौत के बाद परिजनों और समाज के लोगों में आक्रोश फैल गया। शुक्रवार सुबह परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना दिया।
सूचना मिलने पर सिटी सीओ अनुज डाल और कोटगेट थानाधिकारी विक्रम तिवाड़ी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर समझाइश की और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शव लेने के लिए राजी हो गए।
कोटगेट थानाधिकारी विक्रम तिवाड़ी ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज को लेकर कुछ दिनों से विवाद चल रहा था। इस संबंध में सदर पुलिस थाने में पहले से शिकायत दर्ज थी। इसी विवाद के चलते बीती रात चाकूबाजी की घटना हुई, जिसमें अकरम की मौत हो गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
नशे के खिलाफ आवाज उठाने पर हत्या करने का आरोप
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि अकरम की हत्या नशे के खिलाफ आवाज उठाने के कारण की गई है। उनका कहना है कि मोहल्ले में कुछ लोग छोटे बच्चों को नशे की लत लगा रहे थे और उन्हें नशा करना सिखा रहे थे। परिजनों के अनुसार, इसके चलते क्षेत्र में चोरी जैसी घटनाएं भी बढ़ रही थीं।
परिजनों का आरोप है कि अकरम ने इसका विरोध किया था और नशे के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने बताया कि अकरम सहित मोहल्ले के लोगों ने इस संबंध में 7 तारीख को सदर पुलिस थाने में शिकायत दी थी। आरोप है कि 12 तारीख तक शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद एसपी कार्यालय में भी शिकायत दी गई। परिजनों का कहना है कि इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
जूनागढ़ के पास 10-15 युवकों पर हमले का आरोप
परिजनों के अनुसार, बीती रात अकरम जूनागढ़ के पास पहुंचा था। वहां सोहिब, अख्तर, बाबूडी, हैप्पी, ताहिर सहित करीब 10 से 15 युवकों ने उस पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने चाकू से वार किए, जिससे अकरम गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद सदर पुलिस घायल अकरम को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंची। यहां रात करीब चार बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप, थाना क्षेत्र को लेकर भटकाने की बात कही
मृतक के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पुलिस पहले यह तय करने में लगी रही कि मामला किस थाना क्षेत्र में आता है। परिजनों के मुताबिक, वे सदर थाने पहुंचे तो उन्हें कोटगेट थाने भेज दिया गया। आरोप है कि रात के समय कोटगेट थाने में भी उनकी शिकायत नहीं ली गई और सुबह आने के लिए कहा गया।
परिजनों ने बताया कि अकरम अपने पिता का इकलौता बेटा था। उनका कहना है कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने की कीमत उन्हें अपने बेटे की जान देकर चुकानी पड़ी। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस का पक्ष: पुराने विवाद में हुई घटना, आरोपियों की तलाश जारी
वहीं, पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते बीती रात चाकूबाजी की घटना हुई, जिसमें अकरम की मौत हो गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
फिलहाल पुलिस परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।






