बीकानेर की हवा में बढ़े प्रदूषण के कण, 20 अक्टूबर को AQI 168 दर्ज; सफाई व्यवस्था पर भी सवाल

22 Oct 2026 BIKANER
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बीकानेर की हवा में प्रदूषण के कण बढ़ा रहे चिंता, AQI 168 दर्ज; सफाई व्यवस्था पर भी सवाल

बीकानेर। शहर में प्रदूषण और सफाई व्यवस्था की समस्या लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। कई इलाकों में कचरा संग्रहण और नियमित सफाई को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। वहीं, हवा में मौजूद धूल और सूक्ष्म प्रदूषक कण भी लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिंता बढ़ा रहे हैं। ऐसे में शहर की स्वच्छता के साथ वायु गुणवत्ता सुधारने पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

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20 अक्टूबर को AQI 168 दर्ज

उपलब्ध वायु गुणवत्ता आंकड़ों के अनुसार, 20 अक्टूबर 2026 को बीकानेर का अमेरिकी मानक पर आधारित एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 168 दर्ज किया गया था। इसी दौरान PM2.5 का स्तर 89 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और PM10 का स्तर 193 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। यह रीडिंग 20 अक्टूबर की है, इसे 22 अक्टूबर का लाइव आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।

हवा में मौजूद हैं बारीक धूल कण

PM2.5 बेहद सूक्ष्म प्रदूषक कण होते हैं, जो सांस के साथ फेफड़ों के भीतर तक पहुंच सकते हैं। वहीं, PM10 में सड़क की धूल, मिट्टी और अन्य अपेक्षाकृत बड़े कण शामिल होते हैं। वाहनों की आवाजाही, निर्माण कार्य, खुली मिट्टी और तेज हवा से उड़ने वाली धूल स्थानीय वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है।

सफाई व्यवस्था को लेकर भी शिकायतें

शहर के विभिन्न इलाकों में कचरा संग्रहण और सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। सड़कों और खुले स्थानों पर कचरा जमा होने तथा धूल उड़ने की समस्या से निपटने के लिए नियमित सफाई और कचरे का समय पर उठाव जरूरी है। हालांकि, वायु प्रदूषण के सभी कारणों को केवल सफाई व्यवस्था से जोड़ना उचित नहीं होगा।

प्रदूषण कम करने के लिए जरूरी कदम

शहर में नियमित कचरा संग्रहण, सड़कों की प्रभावी सफाई, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, खुले में कचरा डालने पर रोक और प्रदूषण की नियमित निगरानी जैसे कदम महत्वपूर्ण हैं। नगर निगम और संबंधित पर्यावरणीय एजेंसियों के समन्वय से इन समस्याओं पर काम करने की जरूरत है।

बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की जरूरत

वायु गुणवत्ता खराब होने पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस या हृदय संबंधी बीमारियों से प्रभावित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। प्रदूषण अधिक होने पर बाहर की भारी शारीरिक गतिविधियां सीमित करना और सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।

बीकानेरवासियों के सामने अब बड़ा सवाल यह है कि शहर में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और हवा में धूल व प्रदूषक कणों को कम करने के लिए जमीनी स्तर पर कितने प्रभावी कदम उठाए जाते हैं। स्वच्छ सड़कें और बेहतर वायु गुणवत्ता शहरवासियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।

Aapni Awaj | बीकानेर

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