बीकानेर। इस बार 15 अगस्त का राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह बीकानेर में होने जा रहा है। समारोह की तैयारियों के बीच शहर में विकास कार्यों की रफ्तार अचानक तेज दिखाई दे रही है। खास बात यह है कि इन कार्यों का बड़ा हिस्सा उन सड़कों और इलाकों में नजर आ रहा है, जहां से मुख्यमंत्री का काफिला गुजरने वाला है।
जिन सड़कों पर लंबे समय से गहरे गड्ढे और बदहाली बनी हुई थी, वहां अब तेजी से सड़क निर्माण, रोड लाइट, डिवाइडर की पुताई और हरियाली सुधारने का काम किया जा रहा है। वहीं शहर के कई अन्य इलाकों की टूटी सड़कों को लेकर आमजन अब भी इंतजार कर रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या शहर का विकास सिर्फ VIP रूट तक सीमित रह गया है?
सालों से बदहाल सड़क, अब CM रूट में आते ही शुरू हुआ काम
रोडवेज बस स्टैंड के सामने की सड़क लंबे समय से खराब हालत में थी। सड़क पर गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब मुख्यमंत्री के प्रस्तावित रूट में शामिल होने के बाद यहां सड़क निर्माण का काम तेजी से किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि सड़क को करीब एक फीट तक खोदकर सीसी रोड बनाई जा रही है। निर्माण कार्य की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रह रहे हैं।
मुख्यमंत्री का रात्रि विश्राम एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में प्रस्तावित है। इसके बाद मुख्य समारोह स्थल डॉ. करणी सिंह स्टेडियम तक आने-जाने के लिए निर्धारित मार्ग को भी तेजी से संवारा जा रहा है।
सिर्फ सड़क नहीं, पूरे VIP रूट की चमक बढ़ाई जा रही
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित रूट पर केवल सड़कों की मरम्मत ही नहीं की जा रही, बल्कि रोड लाइट, डिवाइडर और हरियाली को भी नया रूप दिया जा रहा है।
जैसलमेर रोड से गंगानगर सर्किल और वहां से एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी तक बिजली के खंभों पर नई LED लाइट लगाने का काम किया जा रहा है। कई स्थानों पर पुरानी लाइट व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है।
डिवाइडर नए नहीं बने, रंग-रोगन से बदली तस्वीर
शहर के कई हिस्सों में सड़कें बार-बार बनने के कारण डिवाइडर सड़क की ऊंचाई से नीचे चले गए हैं। ऐसे स्थानों पर डिवाइडर को दोबारा बनाने के बजाय फिलहाल रंग-रोगन कर उन्हें नया रूप देने का काम किया जा रहा है।
अनाज मंडी के सामने डिवाइडरों पर पीले और काले रंग की पुताई की जा रही है।
CM के स्वागत में पौधों की भी बदली तस्वीर
नाल एयरपोर्ट से मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी पहुंचेंगे। इसी को देखते हुए एमएस कॉलेज पुलिया और आसपास के डिवाइडरों पर रखे बड़े गमलों में नए पौधे लगाए जा रहे हैं।
लंबे समय से उपेक्षित दिखाई देने वाली हरियाली को भी अचानक संवारा जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा है कि यदि शहर की सुंदरता और हरियाली को प्राथमिकता दी जा सकती है तो यह काम पूरे शहर में नियमित रूप से क्यों नहीं किया जाता?
बारिश के बीच सड़क निर्माण को लेकर भी सवाल
कीर्ति स्तंभ क्षेत्र में बारिश के मौसम के बीच डामर सड़क निर्माण का काम किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण के दौरान बारिश होती है तो सड़क की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ नगर निगम कार्यालय के सामने जलभराव की समस्या भी बढ़ सकती है।
PBM के सामने सड़क चमक रही, पीछे का रास्ता अब भी बदहाल
मुख्यमंत्री पीबीएम अस्पताल के मेडिसिन विंग का उद्घाटन भी करेंगे। इसे देखते हुए अस्पताल के सामने की सड़कों को सुधारा जा रहा है।
लेकिन मेडिकल कॉलेज से नागणेचीजी मंदिर की ओर जाने वाली व्यस्त सड़क अब भी बदहाल नजर आती है। इस मार्ग से रोज बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं, बावजूद इसके यहां सड़क सुधार की कोई बड़ी तैयारी दिखाई नहीं दे रही।
सूरसागर फिर उपेक्षित?
बीकानेर के प्रमुख स्थलों में शामिल सूरसागर की सफाई और सौंदर्यीकरण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इस बार यहां मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर किसी बड़े विशेष अभियान की गतिविधि नजर नहीं आ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि VIP दौरे के समय शहर के प्रमुख स्थानों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाता है, लेकिन सामान्य दिनों में उन्हीं स्थानों की नियमित देखभाल पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता।
जयपुर रोड पर सिर्फ सफाई, विकास नहीं
बीकानेर-जयपुर मार्ग पर फिलहाल मुख्य रूप से सफाई का काम दिखाई दे रहा है। सड़क सुधार या बड़े निर्माण कार्य की कोई खास गतिविधि नजर नहीं आ रही।
सबसे बड़ा सवाल—VIP रूट के बाहर कब सुधरेंगी सड़कें?
15 अगस्त समारोह से पहले बीकानेर के VIP रूट की तस्वीर तेजी से बदल रही है। सड़कें बन रही हैं, लाइटें लग रही हैं, डिवाइडरों पर रंग किया जा रहा है और पौधे लगाए जा रहे हैं।
लेकिन शहर के दूसरे हिस्सों में लंबे समय से सड़क, सफाई, जलभराव और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं। ऐसे में आमजन के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या विकास कार्य केवल मुख्यमंत्री और VIP आवाजाही वाले रास्तों तक सीमित रहेंगे या शहर की आम जनता की समस्याओं वाली सड़कों को भी स्थायी समाधान मिलेगा?
अब देखने वाली बात यह होगी कि 15 अगस्त समारोह समाप्त होने के बाद भी इन सड़कों और व्यवस्थाओं का रखरखाव इसी प्राथमिकता से जारी रहता है या फिर VIP दौरा खत्म होते ही शहर की पुरानी तस्वीर वापस लौट आती है।




