बीकानेर निगम चुनाव में रिश्तों की जंग! कहीं जीजा-साला आमने-सामने, तो कहीं चाचा-भतीजा मैदान में

01 Sep 2026 BIKANER
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बीकानेर निगम चुनाव में रिश्तों की जंग! कहीं जीजा-साला आमने-सामने, तो कहीं चाचा-भतीजा मैदान में

बीकानेर। नगर निगम चुनाव में महापौर पद की सीट अनारक्षित होने के बाद चुनावी मैदान में नामांकन की बाढ़ आ गई है। नामांकन पत्रों और राजनीतिक दलों की प्रत्याशी सूचियों के सामने आने के बाद बीकानेर की सियासत में एक दिलचस्प तस्वीर उभरकर सामने आई है। कहीं रिश्तेदार अलग-अलग वार्डों से चुनावी मैदान में हैं तो कहीं एक ही परिवार के सदस्य राजनीति की अलग-अलग बिसात पर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

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इस चुनाव में जीजा-साला, चाचा-भतीजा और साढ़ू भाइयों के रिश्ते भी चुनावी चर्चाओं का विषय बन गए हैं। इसके साथ ही भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों द्वारा नेताओं और पूर्व जनप्रतिनिधियों के परिजनों को टिकट दिए जाने के बाद कार्यकर्ताओं के बीच परिवारवाद को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

वार्ड 80 में रिश्तों की टक्कर

नगर निगम चुनाव में वार्ड 80 को लेकर खास चर्चा है, जहां राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के बीच रिश्तेदारी होने की बात सामने आई है। यहां चुनावी मुकाबला अब केवल राजनीतिक नहीं बल्कि रिश्तों के कारण भी चर्चा का विषय बन गया है।

कांग्रेस ने चाचा-भतीजा को दिया टिकट

कांग्रेस की सूची में वार्ड नंबर 35 से मनोज विश्नोई और वार्ड नंबर 31 से राकेश विश्नोई चुनावी मैदान में हैं। दोनों रिश्ते में चाचा-भतीजा बताए जा रहे हैं। अलग-अलग वार्डों में दोनों के चुनाव लड़ने से परिवार के साथ-साथ राजनीतिक समीकरण भी चर्चा में हैं।

साढ़ू भाई भी आजमा रहे चुनावी किस्मत

इसी तरह वार्ड नंबर 73 से अनिल कल्ला और वार्ड नंबर 2 से संजय आचार्य कांग्रेस से दावेदार हैं। दोनों रिश्ते में साढ़ू बताए जा रहे हैं। नगर निगम चुनाव में रिश्तों की यह दिलचस्प राजनीतिक तस्वीर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

भाजपा में नेताओं के परिजनों को टिकट

भाजपा की सूची में भी कई नेताओं और पूर्व जनप्रतिनिधियों के परिजनों को टिकट दिए जाने की चर्चा है। पूर्व पार्षद बजरंग सोखल, अनूप गहलोत, हरिओम, विनोद करल और माणकलाल कुमावत सहित भाजपा के पूर्व महामंत्री मोहन सुराणा तथा पार्टी पदाधिकारी जेठमल नाहटा के परिजनों को पार्टी की ओर से चुनावी मैदान में उतारा गया है।

इसी तरह पूर्व पार्षद चारू शर्मा के पति हिमांशु शर्मा, लक्ष्मी कंवर हाडलां के पति श्याम सिंह हाडला, कमला कंवर के बेटे भगवान सिंह मेडतिया और मजीदन के पुत्र फारूख चौहान भी भाजपा के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं।

वहीं पूर्व उपमहापौर राजेन्द्र पंवार के परिवार से जुड़ी पूनम पंवार को भी भाजपा से प्रत्याशी बनाया गया है। इन टिकटों को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच परिवारवाद और पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।

कांग्रेस में भी परिवार के सदस्य चुनावी मैदान में

कांग्रेस की सूची में भी कई नेताओं के परिवार के सदस्य चुनाव लड़ रहे हैं। अरविंद मिढ्ढा के पुत्र को टिकट दिए जाने की चर्चा है। इसी प्रकार कांग्रेस नेता गुलाम मुस्तफा की पुत्रवधू नसीम बानो को भी चुनावी मैदान में उतारा गया है।

पूर्व पार्षद आनंद सिंह सोढ़ा के भतीजे महेन्द्र सिंह को भी प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला के भतीजे अनिल कल्ला भी इस चुनाव में अपनी राजनीतिक किस्मत आजमा रहे हैं।

कई पूर्व पार्षद भी मैदान में

नगर निगम चुनाव में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों ने कई पूर्व पार्षदों पर भी भरोसा जताया है। भाजपा की ओर से हेमेन्द्र भाटी, विनोद धवल, सुशीला कंवर राजपुरोहित, पुनीत शर्मा, भंवरलाल साहू, शिवचंद पड़िहार, किशोर आचार्य, गिरिराज जोशी, जमनालाल गजरा और किशन चौधरी जैसे पूर्व पार्षद चुनावी मैदान में हैं।

वहीं कांग्रेस की ओर से नंदकिशोर गहलोत, चेतना डोटासरा, दुर्गादास छंगाणी, जावेद पडिहार, जावेद खान, शहाबूद्दीन भुट्टो, अकबर खादी, परमानंद गहलोत, यूनुस अली, नंदलाल जावा, लक्ष्मीदेवी स्वामी, सुशील सुथार और धर्मवीर नाहटा सहित कई पूर्व पार्षदों और अनुभवी नेताओं को मैदान में उतारा गया है।

रिश्तों और अनुभव की राजनीति से दिलचस्प हुआ चुनाव

बीकानेर नगर निगम चुनाव में एक ओर नए चेहरे अपनी राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुराने नेताओं और उनके परिवारों की मौजूदगी ने चुनावी मुकाबले को और रोचक बना दिया है। रिश्तेदारी, राजनीतिक अनुभव और पारिवारिक प्रभाव के कारण कई वार्डों में मुकाबले दिलचस्प होने की संभावना है।

अब नामांकन की जांच, नाम वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन के बाद यह साफ होगा कि कौन-कौन प्रत्याशी अंतिम रूप से चुनावी मैदान में रहेंगे। लेकिन फिलहाल बीकानेर नगर निगम चुनाव में रिश्तों की राजनीति और टिकटों में परिवार की भागीदारी सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है।

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