बीकानेर। शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को नगर निगम में हंगामा हुआ। कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों ने सफाई व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर निगम कार्यालय पहुंचकर विरोध-प्रदर्शन किया। आयुक्त से मुलाकात नहीं होने पर पार्षद कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पार्षद निगम कार्यालय में कचरा भी डालकर आए।
तीन दिन पहले दिया था अल्टीमेटम
पार्षदों का कहना है कि उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए तीन दिन पहले निगम प्रशासन को अल्टीमेटम दिया था, लेकिन हालात में बदलाव नहीं हुआ। उनके अनुसार, कई वार्डों में कचरे के ढेर लगे हैं और नालियां जाम हैं। नियमित सफाई नहीं होने से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
संसाधनों की कमी और ठेकेदारों पर लगाए आरोप
प्रदर्शनकारी पार्षदों ने आरोप लगाया कि निगम आयुक्त ने प्रत्येक वार्ड के लिए दो अधिकारियों की नियुक्ति की है, लेकिन सफाई कार्य के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। पार्षदों का यह भी कहना है कि सफाई कार्य से जुड़े ठेकेदार फोन तक नहीं उठाते, जिससे शिकायतों का समाधान नहीं हो पा रहा है।
पार्षदों के मुताबिक, आचार संहिता लागू होने से पहले जल्दबाजी में नया सफाई टेंडर जारी किया गया। उनका आरोप है कि संबंधित फर्म आवश्यक मशीनरी और संसाधन उपलब्ध कराए बिना ही सफाई कार्य शुरू कर चुकी है। पार्षदों ने टेंडर प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और अधिकारियों व नेताओं की कथित मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सफाई टेंडर निरस्त करने की मांग
पार्षदों ने मौजूदा सफाई टेंडर तत्काल निरस्त करने और नियमों व शर्तों के अनुसार नई टेंडर प्रक्रिया अपनाने की मांग की। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद ठेका कंपनी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
निगम कार्यालय में कचरा डालकर जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान पार्षद कचरा लेकर निगम कार्यालय पहुंचे और परिसर में डाल दिया। उन्होंने कहा कि निगम अधिकारी साफ-सुथरे कार्यालयों में बैठे हैं, जबकि शहर के कई हिस्सों में कचरे की समस्या बनी हुई है। पार्षदों ने कहा कि जनता ने उन्हें अपने वार्डों में सफाई और मूलभूत सुविधाएं बेहतर करवाने की जिम्मेदारी दी है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। फिलहाल पार्षदों ने निगम प्रशासन से सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और टेंडर से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की है।






