महापौर में 50 वोट, उपमहापौर में कांग्रेस 38 पर अटकी; भाजपा ने 40 वोट लेकर पलटा खेल
बीकानेर। बीकानेर नगर निगम के महापौर चुनाव में 50 वोट हासिल करने वाली कांग्रेस को महज एक दिन बाद उपमहापौर चुनाव में झटका लगा। कांग्रेस प्रत्याशी नसीम बानो को 38 वोट मिले, जबकि भाजपा के पंकज गहलोत ने 40 वोट हासिल कर उपमहापौर पद पर जीत दर्ज की। एक वोट नोटा को दिया गया, जबकि एक वोट निरस्त हुआ।
महापौर चुनाव में कांग्रेस के अनिल कल्ला को 50 वोट मिले थे, जो पार्टी के 42 पार्षदों से 8 अधिक थे। इसके उलट उपमहापौर चुनाव में कांग्रेस अपने घोषित पार्षदों की संख्या 42 से भी कम वोटों पर सिमट गई। भाजपा ने अपने 27 पार्षदों के साथ चुनाव में प्रवेश किया था, लेकिन मतदान के बाद उसके खाते में 40 वोट पहुंचे।
भाजपा के पंकज गहलोत को 40 वोट
भाजपा ने वार्ड 51 के पार्षद और युवा नेता पंकज गहलोत को उपमहापौर पद का प्रत्याशी बनाया था। कांग्रेस की ओर से नसीम बानो मैदान में थीं। मतदान शुरू होने से पहले दोनों दलों के समर्थकों ने नारेबाजी की। परिसर में एक ओर भगवान श्रीराम और महादेव के जयकारे सुनाई दिए, वहीं कांग्रेस समर्थकों ने बी.डी. कल्ला के समर्थन में नारे लगाए।
इसके बाद पार्षदों ने क्रमवार मतदान किया। नगर निगम के सभी 80 पार्षदों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। परिणाम में पंकज गहलोत को 40 और नसीम बानो को 38 वोट मिले। एक वोट नोटा में गया और एक वोट खारिज हुआ।
महापौर के बाद एक दिन में बदली तस्वीर
महापौर चुनाव के नतीजे के बाद कांग्रेस के पास 50 वोट का आंकड़ा था। ऐसे में उपमहापौर चुनाव में भी पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में बहुमत रहने की स्थिति मानी जा रही थी। लेकिन नतीजे में कांग्रेस को 38 वोट ही मिले।
वहीं भाजपा के पास 27 पार्षद थे। इसके बावजूद पंकज गहलोत को 40 वोट मिलने से भाजपा के खाते में 13 अतिरिक्त वोट आए। इससे चुनाव में निर्दलीय पार्षदों के साथ-साथ अन्य पार्षदों के समर्थन की भूमिका अहम मानी जा रही है।
कांग्रेस में खींचतान की चर्चा
चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि पार्टी के अंदर प्रत्याशी चयन और समर्थन को लेकर बनी स्थिति का असर मतदान पर पड़ा। हालांकि, क्रॉस-वोटिंग करने वाले पार्षदों को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
उपमहापौर चुनाव का नतीजा ऐसे समय आया है, जब एक दिन पहले ही कांग्रेस ने महापौर पद पर 50 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। उपमहापौर के नतीजे ने नगर निगम में पार्षदों के समर्थन के समीकरण को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।




