महापौर ने जहां झाड़ू लगाई, अगले दिन वहीं कचरे का ढेर; व्यवस्था पर सवाल
बीकानेर। शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम के दावों और जमीनी स्थिति के बीच अंतर सामने आया है। जिस मोहता चौक से शनिवार रात नव-निर्वाचित महापौर अनिल कल्ला ने झाड़ू लगाकर विशेष सफाई अभियान की शुरुआत की थी, उसी स्थान पर अभियान के अगले ही दिन कचरे का ढेर नजर आया। कचरे के आसपास पशु भी दिखाई दिए, जबकि गंदगी के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महापौर अनिल कल्ला ने शनिवार रात पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला, पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल गहलोत और कांग्रेस के अन्य पदाधिकारियों के साथ मोहता चौक से सफाई अभियान का शुभारंभ किया था। इस दौरान नेताओं ने हाथों में झाड़ू लेकर सफाई का संदेश दिया और शहरवासियों से बीकानेर को स्वच्छ रखने की अपील की थी।
दिवाली तक रात में सफाई का दावा
अभियान के दौरान महापौर अनिल कल्ला ने कहा था कि शहर में दिवाली तक रात के समय लगातार सफाई कराई जाएगी। इसका उद्देश्य शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार करना है। हालांकि अभियान शुरू होने के महज एक दिन बाद ही शुभारंभ स्थल पर कचरे का ढेर नजर आने से सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सफाई अभियान की शुरुआत वाले स्थान पर ही अगले दिन कचरा दिखाई दे रहा है तो शहर के दूसरे इलाकों में नियमित सफाई व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कई इलाकों में कचरा नहीं उठने की शिकायत
मोहता चौक के अलावा शहर के कई प्रमुख मार्गों और कॉलोनियों में भी जगह-जगह कचरा जमा होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कई स्थानों पर समय पर कचरा नहीं उठने से दुर्गंध फैल रही है। कचरे के ढेर में आवारा पशु भोजन तलाशते नजर आते हैं, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को भी परेशानी होती है।
शहरवासियों का कहना है कि केवल प्रतीकात्मक सफाई अभियान से व्यवस्था में स्थायी सुधार संभव नहीं है। नियमित कचरा संग्रहण, सफाई कर्मचारियों की प्रभावी मॉनिटरिंग और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी की जरूरत है।
फिलहाल मोहता चौक की तस्वीर विशेष सफाई अभियान के दावों के बीच नगर निगम की जमीनी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। अब देखना होगा कि निगम प्रशासन नियमित सफाई व्यवस्था को लेकर क्या ठोस कदम उठाता है।






