रात-बारिश में विवादित जमीन पर BDA की बाउंड्रीवॉल, खातेदार ने लगाया कब्जे का आरोप
बीकानेर। मुक्ताप्रसाद नगर के सेक्टर नंबर 7/61 में सामुदायिक भवन के पास विवादित जमीन पर रात के अंधेरे और बारिश के बीच बाउंड्रीवॉल निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। जमीन पर मालिकाना हक का दावा करने वाले देवेन्द्र स्वामी ने बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) पर निजी खातेदारी की जमीन को पार्क की जमीन बताकर निर्माण कराने का आरोप लगाया है। स्वामी ने प्रशासन और पुलिस पर राजनीतिक दबाव में कार्रवाई करने के भी आरोप लगाए हैं।
बारिश के बीच रात में निर्माण का आरोप
देवेन्द्र स्वामी के अनुसार रविवार रात तेज बारिश के दौरान BDA के ठेकेदार और कर्मचारियों की ओर से मजदूर लगाकर जमीन पर बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराया जा रहा था। मौके पर पहुंचकर विरोध करने पर उन्हें बताया गया कि यहां सार्वजनिक पार्क बनाया जाएगा।
स्वामी का आरोप है कि जब उन्होंने निर्माण रुकवाने और शिकायत करने के लिए पुलिस थाने जाने की कोशिश की तो उन्हें धारा 151 के तहत शांतिभंग में कार्रवाई करने की धमकी दी गई। उन्होंने दावा किया कि सेक्टर 7/61 में पहले से ही बड़ा पार्क मौजूद है और इसके बावजूद उनकी जमीन पर पार्क के नाम पर निर्माण कराया जा रहा है।
खातेदार ने कोर्ट के फैसलों का दिया हवाला
स्वामी ने जमीन से संबंधित राजस्व और न्यायिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया है कि संबंधित भूमि पर खातेदारों का अधिकार विभिन्न न्यायिक स्तरों पर तय हो चुका है। उनके अनुसार मामला राजस्व न्यायालयों से लेकर राजस्थान हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था।
प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार, चकगर्बी उपनिवेशन खसरा नंबर 763 और राजस्व खसरा नंबर 365 से संबंधित भूमि में एक हिस्सा राजस्थान आवासन मंडल का तथा शेष भूमि निजी खातेदारों के नाम दर्ज होने का उल्लेख है। दस्तावेजों में करीब 7 बीघा भूमि निजी खातेदारों के नाम होने का दावा किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी हवाला
खातेदार पक्ष के अनुसार, इस जमीन को लेकर राजस्व मंडल ने 20 जुलाई 2017 को उनके पक्ष में फैसला दिया था। इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट में संबंधित अपील और एसएलपी से जुड़े मामलों में भी आदेश हुए। पक्ष का दावा है कि सुप्रीम कोर्ट ने एसएलपी संख्या 17486/2015 को 6 जुलाई 2015 को खारिज किया था। इन दस्तावेजों के आधार पर खातेदार पक्ष जमीन पर अपना अधिकार बता रहा है।
भू-प्रबंध अधिकारी के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए यह भी दावा किया गया है कि खसरा संख्या 1130/159 और 1135/159 की भूमि को राजस्व खसरा संख्या 365 और नए खसरा नंबर 1055/365 के तहत दर्ज कर तरमीम करने के निर्देश तहसीलदार (भू.अ.) बीकानेर को दिए जा चुके हैं।
पार्क निर्माण के टेंडर को लेकर भी सवाल
खातेदार पक्ष ने BDA की ई-निविदा NIT संख्या 06/2026-27 का भी हवाला दिया है। इसके तहत मुक्ताप्रसाद नगर सेक्टर 7/01 स्थित डॉ. कलाम पार्क में करीब 15 लाख रुपये की लागत से चारदीवारी, ब्लॉक और गेट निर्माण का कार्य शामिल होने की बात कही गई है। आरोप है कि मौके पर सीमांकन और राजस्व रिकॉर्ड की स्थिति स्पष्ट किए बिना संबंधित भूमि को पार्क का हिस्सा मानकर निर्माण कराया जा रहा है।
निष्पक्ष सीमांकन की मांग
देवेन्द्र स्वामी ने जिला प्रशासन और संभागीय आयुक्त से निर्माण कार्य तत्काल रोकने तथा राजस्व रिकॉर्ड और न्यायालय के आदेशों के आधार पर मौके का निष्पक्ष सीमांकन कराने की मांग की है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच और यदि निजी भूमि पर अतिक्रमण साबित हो तो कार्रवाई की मांग भी की है।
मामले में जमीन के वास्तविक स्वामित्व, मौके की स्थिति और निर्माण की वैधता को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित राजस्व रिकॉर्ड, न्यायिक आदेशों और प्रशासनिक जांच के आधार पर ही स्पष्ट होगी। BDA की ओर से इस मामले में पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।






