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ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर बड़ा बदलाव: 4 लाख से ज्यादा पुराने रिकॉर्ड होंगे व्यवस्थित, एक साल बाद रिन्यूअल पर देना होगा टेस्ट
राजस्थान। ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता समाप्त होने के बाद समय पर उसका नवीनीकरण नहीं करवाना अब वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। यदि लाइसेंस एक्सपायर होने के बाद कई साल तक रिन्यूअल नहीं कराया गया तो उसका रिकॉर्ड स्थायी आर्काइव में पहुंच सकता है। इसके बाद लाइसेंस दोबारा सक्रिय करवाने की प्रक्रिया सामान्य नवीनीकरण से ज्यादा जटिल हो सकती है। इसके लिए आरटीओ से सत्यापन, ड्राइविंग टेस्ट, निर्धारित फीस और राज्य परिवहन आयुक्त की मंजूरी तक लेनी पड़ सकती है।
पुराने, एक्सपायर और डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस के रिकॉर्ड व्यवस्थित करने के लिए केंद्र सरकार ने सारथी पोर्टल पर नया वर्गीकरण मॉडल तैयार किया है। राजस्थान में इसे एक जनवरी से लागू करने की तैयारी है। परिवहन विभाग ने पोर्टल में जरूरी बदलाव और टेस्टिंग पूरी करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में ऐसे एक्सपायर और डुप्लीकेट लाइसेंस की संख्या चार लाख से अधिक है।
डुप्लीकेट लाइसेंस पर भी कसेगा शिकंजा
एक व्यक्ति के नाम पर एक से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस होने पर एएसटीआर आधारित प्रणाली से उनकी पहचान की जाएगी। संबंधित व्यक्ति को 30 दिन के भीतर यह चुनने का मौका मिलेगा कि कौनसा लाइसेंस रिकॉर्ड बरकरार रखना है। इसके लिए 15 दिन बाद रिमाइंडर भी भेजा जाएगा।
यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलता है तो सबसे हाल में जारी वैध लाइसेंस रिकॉर्ड को बरकरार रखा जाएगा। वहीं, एक साल से अधिक समय से एक्सपायर लाइसेंस के मामलों में आधार से जुड़े मृत्यु संबंधी रिकॉर्ड का भी सत्यापन होगा।
एक साल बाद रिन्यूअल कराने पर देना होगा ड्राइविंग टेस्ट
लाइसेंस की वैधता समाप्त होने के एक साल से अधिक समय बाद नवीनीकरण कराने पर ड्राइविंग टेस्ट देना अनिवार्य होगा। हालांकि, इसके लिए नया लर्निंग लाइसेंस बनवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, लेकिन निर्धारित फीस दोबारा जमा करनी होगी।
चार श्रेणियों में बांटे जाएंगे ड्राइविंग लाइसेंस
सारथी पोर्टल पर ड्राइविंग लाइसेंस के रिकॉर्ड को चार श्रेणियों में बांटा जाएगा। उम्र और लाइसेंस की वैधता समाप्त होने के बाद बीते समय के आधार पर रिकॉर्ड का वर्गीकरण होगा।
1. एक्टिव-कम्प्लायंट
इस श्रेणी में वैध और प्रतिबंध रहित ड्राइविंग लाइसेंस रखे जाएंगे।
2. एक्टिव ड्यू रिन्यूअल
75 साल से कम उम्र के लोगों के एक्सपायर लाइसेंस दो साल तक और 75 साल से अधिक उम्र के लोगों के लाइसेंस एक साल तक इस श्रेणी में रहेंगे।
3. टेम्पररी आर्काइव
75 साल से कम उम्र के लोगों के दो से चार साल पुराने और 75 साल से अधिक उम्र के लोगों के एक से दो साल पुराने लाइसेंस इस श्रेणी में रखे जाएंगे।
4. परमानेंट आर्काइव
75 साल से कम उम्र के लोगों के चार साल से अधिक पुराने और 75 साल से अधिक उम्र के लोगों के दो साल से अधिक पुराने लाइसेंस इस श्रेणी में जाएंगे। इसके अलावा रद्द किए गए, स्थायी रूप से सरेंडर किए गए और डुप्लीकेट रिकॉर्ड भी इसमें शामिल होंगे।
वाहन चालक समय पर करवाएं लाइसेंस का नवीनीकरण
नए वर्गीकरण मॉडल का उद्देश्य ड्राइविंग लाइसेंस के रिकॉर्ड को व्यवस्थित करना और डुप्लीकेट लाइसेंस की पहचान करना है। ऐसे में वाहन चालकों को सलाह है कि वे अपने लाइसेंस की वैधता जांचें और समय रहते उसका नवीनीकरण करवाएं, ताकि भविष्य में अतिरिक्त प्रक्रिया और परेशानी से बचा जा सके।






