राजस्थान में सरकारी शिक्षिका ने बदली लैंगिक पहचान: अब रुद्र जाट के नाम से होंगी पहचान, शिक्षा विभाग ने दी मंजूरी
कोटा। राजस्थान के कोटा जिले से सरकारी सेवा में लैंगिक पहचान और व्यक्तिगत अधिकारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है। यहां सरकारी स्कूल में कार्यरत शारीरिक शिक्षिका मंदोदरी चौधरी ने अपनी लैंगिक पहचान के अनुरूप पुरुष के रूप में पहचान स्थापित की है। अब उनकी पहचान रुद्र जाट के नाम से होगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने भी नाम और लिंग परिवर्तन को आधिकारिक मंजूरी देते हुए आदेश जारी कर दिया है।
शिक्षा विभाग की मंजूरी के बाद अब उनके सरकारी सेवा अभिलेखों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नाम और लिंग संशोधित किए जाएंगे। इस फैसले के बाद स्कूल में विद्यार्थी उन्हें मैडम की जगह सर कहकर संबोधित करेंगे।
28 अक्टूबर को जारी हुआ आधिकारिक आदेश
रुद्र जाट ने अपनी लैंगिक पहचान के अनुरूप सरकारी सेवा अभिलेखों में नाम और लिंग परिवर्तन के लिए निर्धारित नियमों के तहत आवेदन किया था। आवेदन पर विचार करने के बाद शिक्षा विभाग ने 28 अक्टूबर 2026 को इसकी स्वीकृति जारी कर दी।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार के अनुसार, विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें रुद्र जाट के नाम से पहचान देने की अनुमति प्रदान की गई है। सरकारी सेवा से जुड़े दस्तावेजों में भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनका नाम और लिंग संशोधित किया जाएगा।
कोटा के इसी स्कूल में जारी रहेंगी सेवाएं
रुद्र जाट वर्तमान में कोटा के नांता महल क्षेत्र स्थित राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय में शारीरिक शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। नाम और लिंग परिवर्तन की अनुमति मिलने के बाद उनकी वर्तमान पदस्थापना में बदलाव की जानकारी सामने नहीं आई है।
शिक्षा विभाग के आदेश के बाद अब विभागीय पत्राचार और सेवा अभिलेखों में उनकी नई पहचान दर्ज की जाएगी। कोटा शिक्षा विभाग की सीबीईओ महिला अधिकारी नवीन अरोड़ा ने बताया कि जिले के शिक्षा विभाग में इस तरह का यह पहला मामला सामने आया है।
बचपन से खेलों में रुचि, वर्ष 2019 में मिली सरकारी नौकरी
25 फरवरी 1997 को जन्मे रुद्र जाट को बचपन से ही खेलों में विशेष रुचि थी। इसी लगाव के चलते उन्होंने शारीरिक शिक्षक बनने की पढ़ाई की और वर्ष 2019 में सरकारी सेवा में नियुक्त हुए।
उनके परिचितों के अनुसार, रुद्र को बचपन से ही लड़कों की तरह रहना और उसी अंदाज में अपनी पहचान रखना पसंद था। कई बार लोग उन्हें लड़का समझ लेते थे, लेकिन उनके इस फैसले के बारे में किसी को अंदाजा नहीं था।
राजस्थान सेवा नियमों के तहत मिली मंजूरी
शिक्षा विभाग की ओर से यह अनुमति राजस्थान सेवा नियम, 1991 के नियम 8ए के अंतर्गत राजकीय निर्णय संख्या 5 में किए गए प्रावधानों के अनुसार जारी की गई है। इसके साथ ही ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 और संबंधित नियमों के तहत निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना है।
विभागीय मंजूरी के बाद सेवा पुस्तिका और अन्य सरकारी दस्तावेजों में नाम और लिंग परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सरकारी सेवा में लैंगिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण मामला
कोटा का यह मामला सरकारी कर्मचारियों की व्यक्तिगत पहचान और उनके कानूनी अधिकारों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह भी सामने आया है कि निर्धारित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत सरकारी कर्मचारी अपनी लैंगिक पहचान के अनुरूप सेवा अभिलेखों में बदलाव करा सकते हैं।
शिक्षा विभाग की मंजूरी के बाद अब रुद्र जाट की नई पहचान आधिकारिक रूप से दर्ज होने का रास्ता साफ हो गया है।






