मृतक कर्मचारी के 11.28 लाख के परिलाभ का मामला, पीबीएम अधीक्षक को कोर्ट का नोटिस
बीकानेर। मृतक कर्मचारी के निर्धारित वेतन एवं अन्य लाभ-परिलाभ की राशि का भुगतान नहीं किए जाने के मामले में पीबीएम अस्पताल प्रशासन को कोर्ट की ओर से नोटिस जारी किया गया है। मामले में करीब 11.28 लाख रुपए की राशि के भुगतान को लेकर न्यायालय के आदेश की पालना नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
मामले के अनुसार, मजीदन पीबीएम अस्पताल में अटेंडेंट के पद पर कार्यरत थे। सेवाकाल के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनके पुत्र मोहम्मद रमजान ने अपने पिता के वेतन एवं अन्य निर्धारित लाभ-परिलाभ की राशि दिलाने के लिए पीबीएम अधीक्षक के समक्ष प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया।
कोर्ट ने 11.28 लाख रुपए देने के दिए थे आदेश
उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, जिला एवं सेशन कोर्ट ने 19 अक्टूबर 2024 को पीबीएम अधीक्षक को आदेश जारी किया था। आदेश में मजीदन की लाभ-परिलाभ राशि 11,28,692 रुपए मोहम्मद रमजान को निर्धारित अवधि में अदा करने के निर्देश दिए गए थे।
आदेश की पालना नहीं होने का आरोप
मोहम्मद रमजान की ओर से आरोप लगाया गया है कि कोर्ट के आदेश की प्रति पीबीएम अधीक्षक कार्यालय में प्रस्तुत किए जाने के बावजूद निर्धारित अवधि में आदेश की पालना नहीं की गई। शिकायत में कार्यालय के कर्मचारियों की ओर से कथित तौर पर कोर्ट के आदेश को नहीं मानने की बात कहे जाने का भी उल्लेख किया गया है।
इसके बाद मोहम्मद रमजान ने अधिवक्ता वसीम मकसूद के माध्यम से पीबीएम अस्पताल अधीक्षक के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई शुरू करवाई। उपलब्ध दस्तावेजों के मुताबिक, कोर्ट की ओर से पीबीएम अधीक्षक को अवमानना का नोटिस जारी करने के आदेश किए गए हैं।
मामला तत्कालीन अधीक्षक से जुड़ा
मामले में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोर्ट के आदेश की पालना से जुड़ा विवाद वर्तमान पीबीएम अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया के कार्यकाल से संबंधित नहीं है, बल्कि यह तत्कालीन अधीक्षक के कार्यकाल से जुड़ा मामला है।
अब मामले में न्यायालय की आगे की कार्रवाई और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।







