राजस्थान के 20 नेताओं पर अदालतों में आपराधिक केस! 5 मंत्री, 13 विधायक और केंद्रीय मंत्री भी सूची में
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की मॉनिटरिंग में जारी ताजा स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार राज्य की अदालतों में केंद्रीय मंत्री, सांसद, पूर्व सांसद, पांच मंत्रियों, 13 मौजूदा विधायकों और 13 पूर्व विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले वर्षों से लंबित या विचाराधीन हैं। इनमें भाजपा, कांग्रेस, बीएपी और एक निर्दलीय विधायक शामिल हैं।
30 जून तक की रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा और पूर्व सांसद-विधायकों के खिलाफ कुल 41 आपराधिक मामले विभिन्न अदालतों में लंबित हैं। हाईकोर्ट इन मामलों की हर महीने समीक्षा कर ट्रायल कोर्ट और जिला अदालतों से प्रगति रिपोर्ट ले रहा है, ताकि लंबित मामलों का जल्द निस्तारण हो सके।
इन मंत्रियों और नेताओं के खिलाफ मामले लंबित
रिपोर्ट के अनुसार केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा और जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी सहित कई नेताओं के खिलाफ विभिन्न अदालतों में मामले लंबित हैं। अधिकांश मामलों में गवाही, बहस या न्यायालय के स्थगन आदेश के कारण सुनवाई पूरी नहीं हो सकी है।
भाजपा, कांग्रेस, बीएपी और निर्दलीय विधायक भी सूची में
रिपोर्ट में भाजपा के छह, कांग्रेस के पांच, बीएपी के एक और एक निर्दलीय विधायक के खिलाफ लंबित मामलों का उल्लेख किया गया है। कई मामलों में गवाह पेश नहीं होने, कुछ में हाईकोर्ट के स्टे और कुछ में जांच प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण सुनवाई लंबित है।
इन जिलों की अदालतों में सबसे ज्यादा मामले
जयपुर, बांसवाड़ा, जोधपुर और श्रीगंगानगर की अदालतों में सबसे अधिक मामले लंबित हैं। जयपुर की अदालतों में 11, बांसवाड़ा में 8, जबकि कोटा, जोधपुर और श्रीगंगानगर में कई मामले विचाराधीन हैं।
बीकानेर समेत 10 जिलों में कोई मामला नहीं
रिपोर्ट के अनुसार बीकानेर, अजमेर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, चूरू, धौलपुर, हनुमानगढ़, पाली, प्रतापगढ़ और राजसमंद की अदालतों में वर्तमान या पूर्व सांसद-विधायकों के खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है।
हाईकोर्ट ने सभी लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग जारी रखते हुए संबंधित अदालतों को सुनवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।




