राजस्थान में वोट डालने से पहले जान लें ये नया नियम! एक गलती पड़ सकती है भारी

01 Aug 2026 STATE
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राजस्थान में फर्जी वोटिंग पर सख्ती, पहचान पत्र के बिना नहीं डाल सकेंगे वोट

जयपुर। राजस्थान में आगामी पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। आयोग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि मतदान केंद्र पर प्रत्येक मतदाता को अपना वैध पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। फर्जी मतदान का प्रयास करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कैबिनेट मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का लक्ष्य प्रदेश में ‘एक राज्य, एक चुनाव’ व्यवस्था लागू करना है। इससे बार-बार लगने वाली आदर्श आचार संहिता से राहत मिलेगी और विकास कार्यों में बाधा नहीं आएगी।

निर्वाचन आयोग के अनुसार पंचायत और निकाय चुनावों के लिए 5 अगस्त को ओबीसी आयोग की रिपोर्ट आने के बाद 15 अगस्त से पहले आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

आयोग ने निर्देश दिए हैं कि मतदान के दौरान मतदाता फोटो पहचान पत्र को प्राथमिक दस्तावेज माना जाएगा। यदि किसी कारणवश यह उपलब्ध नहीं है, तो आयोग द्वारा निर्धारित वैकल्पिक दस्तावेजों के आधार पर ही मतदान की अनुमति दी जाएगी। साथ ही मतदान दल प्रत्येक मतदाता की पहचान का भौतिक सत्यापन भी करेगा।

फर्जी मतदान पर सख्त सजा
यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य के नाम से, मृत या काल्पनिक व्यक्ति के नाम से मतदान करता है या एक बार वोट डालने के बाद दोबारा मतदान का प्रयास करता है, तो उसे फर्जी मतदान माना जाएगा। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर एक वर्ष तक का कारावास, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।

जिला निर्वाचन कार्यालयों और उपखंड स्तर पर चुनावी तैयारियां तेज कर दी गई हैं तथा अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

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