बाड़मेर में छात्रसंघ चुनाव को लेकर बवाल! ABVP-पुलिस में धक्का-मुक्की, कॉलेज गेट पर लगाया ताला
बाड़मेर। छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की मांग को लेकर बाड़मेर पीजी कॉलेज में प्रदर्शन कर रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हो गई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया, जिसके बाद दोनों पक्षों में झड़प की स्थिति बन गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को पुलिस द्वारा पीछे की ओर धकेलने का भी आरोप है।
इससे पहले ABVP कार्यकर्ताओं ने कॉलेज के मुख्य गेट पर ताला लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। गेट बंद होने के कारण परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थी और कॉलेज प्राचार्य कुछ देर तक अंदर नहीं जा सके। बाद में पुलिस ने परीक्षार्थियों को कॉलेज परिसर में प्रवेश करवाया।
कॉलेज गेट पर ताला लगाकर शुरू किया प्रदर्शन
जानकारी के अनुसार, बाड़मेर पीजी कॉलेज के बाहर ABVP कार्यकर्ता सुबह करीब 10 बजे पहुंचे और छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की मांग को लेकर कॉलेज का मुख्य गेट बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी दौरान सुबह 11 बजे कॉलेज में परीक्षाएं होनी थीं। मुख्य गेट बंद होने के कारण परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थियों को कुछ देर तक बाहर इंतजार करना पड़ा।
पुलिस और आरएसी की टीम मौके पर पहुंची
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस और आरएसी की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने ABVP कार्यकर्ताओं और छात्रों से कॉलेज का गेट खोलकर परीक्षार्थियों को अंदर जाने देने की समझाइश की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस ने कॉलेज के छोटे गेट से परीक्षार्थियों को अंदर प्रवेश कराने का प्रयास किया।
छोटा गेट खोलने के दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की
छोटा गेट खोलने के दौरान ABVP पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हो गई। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास करने पर बहस और झड़प की स्थिति बन गई। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे की ओर धकेला। झड़प के बाद ABVP कार्यकर्ता दोबारा मुख्य गेट के पास धरने पर बैठ गए।
प्रिंसिपल से भी हुई बहस
प्रदर्शन के दौरान ABVP नगर मंत्री महिपाल राठौड़ और कॉलेज प्राचार्य डॉ. मृणाली सिंह के बीच भी बहस हुई। राठौड़ ने प्राचार्य के कॉलेज पहुंचने को लेकर सवाल उठाए। वहीं प्राचार्य ने कहा कि वह सुबह 10 बजे कॉलेज पहुंच चुकी थीं। दोनों के बीच बातचीत के दौरान छात्रसंघ चुनाव और प्रदर्शन को लेकर भी तीखी बहस हुई।
समझाइश के बाद प्रिंसिपल को सौंपा ज्ञापन
कुछ देर चले हंगामे के बाद पुलिस और प्रशासन ने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत कराया। इसके बाद ABVP कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा के नाम छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर ज्ञापन प्राचार्य डॉ. मृणाली सिंह को सौंपा। ज्ञापन देने के बाद प्रदर्शन और धरना समाप्त कर दिया गया।
ABVP ने सरकार और पुलिस पर लगाए आरोप
ABVP नगर मंत्री महिपाल राठौड़ ने आरोप लगाया कि पिछले चार साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान राजस्थान में कांग्रेस और भाजपा दोनों की सरकारें रहीं, लेकिन छात्रों की मांग पर ध्यान नहीं दिया गया।
राठौड़ ने आरोप लगाया कि ABVP कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देने पहुंचे थे, लेकिन कॉलेज प्राचार्य के कहने पर पुलिस को बुलाया गया और छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ छात्रों के हाथों में चोट आई है।
उन्होंने कहा कि यदि छात्रसंघ चुनाव बहाल नहीं किए गए तो आंदोलन आगे भी जारी रखा जाएगा।
‘बातचीत से खुल सकता था गेट’
ABVP नगर मंत्री ने कहा कि यदि कॉलेज प्रशासन पहले बातचीत करता और छात्रों से गेट खोलने की अपील करता तो विवाद की स्थिति नहीं बनती। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों की मांग को बातचीत के जरिए सुना जाना चाहिए था।
फिलहाल ज्ञापन सौंपे जाने के बाद मामला शांत हो गया है। छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर ABVP ने आगे भी आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।




