अनिल कल्ला आज संभालेंगे महापौर पद, मुस्लिम नेताओं की मौजूदगी पर नजर
बीकानेर। नगर निगम में कांग्रेस का बोर्ड बनने के बाद नवनिर्वाचित महापौर अनिल कल्ला गुरुवार को पदभार ग्रहण करेंगे। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला सहित कांग्रेस के कई नेता और पार्षद मौजूद रहेंगे। वहीं उपमहापौर चुनाव के बाद सामने आए राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कार्यक्रम में मुस्लिम समाज के नेताओं और कांग्रेस पार्षदों की मौजूदगी पर भी नजर रहेगी।
उपमहापौर चुनाव के बाद सोशल मीडिया पर विरोध
उपमहापौर चुनाव में कांग्रेस की प्रत्याशी नशीम बानो को हार का सामना करना पड़ा। महापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अनिल कल्ला को 50 पार्षदों का समर्थन मिला था, जबकि अगले दिन उपमहापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नशीम बानो को 38 वोट मिले। भाजपा के पंकज गेहलोत को 40 वोट मिले। इसके अलावा एक वोट नोटा और एक वोट अमान्य रहा।
उपमहापौर चुनाव के बाद मुस्लिम समाज के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मदन मेघवाल के इस्तीफे की मांग भी सामने आई है। कुछ पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की ओर से इस्तीफे की पेशकश किए जाने की भी बात कही जा रही है।
कार्यक्रम में किन नेताओं की रहेगी मौजूदगी?
इस घटनाक्रम के बीच महापौर के पदभार ग्रहण समारोह में मुस्लिम समाज से जुड़े कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी को लेकर चर्चा है। इस बोर्ड में नशीम बानो के अलावा पूर्व महापौर मक़सूद अहमद और पूर्व नेता प्रतिपक्ष जावेद पड़िहार भी पार्षद चुने गए हैं। ऐसे में इन नेताओं की कार्यक्रम में मौजूदगी पर भी नजर रहेगी।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सोशल मीडिया पर चल रहे विरोध का कार्यक्रम में नेताओं की मौजूदगी पर कोई असर पड़ेगा या नहीं। इसका तस्वीर कार्यक्रम के दौरान ही साफ होगी।
एकजुटता का संदेश देने की कोशिश कर सकते हैं बीडी कल्ला
महापौर चुनाव के दौरान पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला कांग्रेस के पार्षदों और संगठन के नेताओं के साथ सक्रिय नजर आए थे। उपमहापौर चुनाव के दौरान भी वे मौजूद रहे, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी को जीत नहीं मिल सकी।
उपमहापौर चुनाव के बाद सामने आए विरोध के बीच अब महापौर के पदभार ग्रहण समारोह को कांग्रेस की एकजुटता के तौर पर भी देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि डॉ. बीडी कल्ला सभी प्रमुख नेताओं को एक मंच पर लाने का प्रयास कर सकते हैं, ताकि पार्टी के भीतर एकजुटता का संदेश जाए।
अब कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के मुस्लिम नेताओं और पार्षदों की मौजूदगी से यह भी संकेत मिल सकता है कि उपमहापौर चुनाव के बाद उठे सवालों के बीच पार्टी के भीतर संवाद और एकजुटता की स्थिति क्या है।






