श्रीगंगानगर में नशीली दवाओं की सप्लाई के दो आरोपी गिरफ्तार, 10.30 लाख रुपए और स्कोडा कार जब्त
श्रीगंगानगर। सदर थाना पुलिस ने प्रतिबंधित नशीली गोलियों और कैप्सूल की सप्लाई के मामले में दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नशे की सप्लाई में इस्तेमाल की जा रही स्कोडा कार भी जब्त की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंचवटी कॉलोनी द्वितीय निवासी अश्वनी कालिया और नेहरानगर निवासी इकबाल सिंह के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार अश्वनी कालिया के पास से 10 लाख 30 हजार रुपए नकद बरामद हुए। वह इस राशि का संतोषजनक ब्यौरा नहीं दे सका। पुलिस ने राशि को धारा 106 बीएनएसएस के तहत जब्त किया है।
30 जून को पकड़ा गया था नशीली दवाओं का जखीरा
जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर के अनुसार 30 जून 2026 को मैक्स केयर हॉस्पिटल के पास ई-रिक्शा में नशीली दवाओं की सप्लाई करने आए गोपीचंद को पकड़ा गया था। उसके कब्जे से 22 कार्टून में 3 लाख 96 हजार प्रेगाबालिन, तीन कार्टून में 72 हजार टैपेंटाडोल और 250 नशीली ट्रामाडोल गोलियां बरामद हुई थीं। इस संबंध में सदर थाने में एनडीपीएस एक्ट और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
जेएमडी ट्रेडर्स के जरिए सप्लाई का पुलिस का दावा
अनुसंधान के दौरान पुलिस के अनुसार अश्वनी कालिया का नाम सामने आया। पुलिस का दावा है कि अश्वनी ने अपने परिचित इकबाल सिंह के नाम से जेएमडी ट्रेडर्स फर्म बना रखी थी और इसी फर्म के माध्यम से श्रीगंगानगर में नशीली गोलियों और कैप्सूल की सप्लाई की जा रही थी।
पुलिस के अनुसार नशीली दवाओं की सप्लाई में नरेंद्र उर्फ नंदू और पदमपुर निवासी राजवीर सिंह का भी इस्तेमाल किया जाता था। मामला दर्ज होने के बाद अश्वनी कालिया फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए थाना स्तर पर टीम गठित की गई थी। तकनीकी अनुसंधान और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने अश्वनी कालिया और जेएमडी ट्रेडर्स के प्रोपराइटर इकबाल सिंह को गिरफ्तार किया।
जून में आरोपी के ठिकानों पर चला था बुलडोजर
पुलिस और प्रशासन ने जून माह में ड्रग तस्करी के आरोपी अश्वनी शर्मा के ठिकानों पर संयुक्त कार्रवाई की थी। पंचवटी कॉलोनी स्थित मकान, दुकानों और आसपास किए गए कथित अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त किया गया था। पुलिस के अनुसार आरोपी अश्वनी कालिया कुछ रिकॉर्ड में अश्वनी शर्मा के नाम से भी दर्ज है। 4 लाख 68 हजार नशीली गोलियों और कैप्सूल की बरामदगी के मामले में अश्वनी शर्मा को मुख्य आरोपी बताया गया है।
विनमैक्स हेल्थकेयर के नाम के कथित दुरुपयोग का आरोप
मामले में हिमाचल प्रदेश की विनमैक्स हेल्थकेयर के संचालक शशी भूषण काजल ने जून में सदर थाने में रिपोर्ट देकर अश्वनी शर्मा, जेएमडी ट्रेडर्स के प्रोपराइटर इकबाल सिंह और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में विनमैक्स हेल्थकेयर के नाम, पैकेजिंग और ब्रांड का कथित दुरुपयोग कर नकली नशीली दवाइयां तैयार कर बेचने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार अश्वनी शर्मा ने जेएमडी ट्रेडर्स के नाम से दवा कारोबार शुरू किया और विभिन्न नंबरों से संपर्क कर दवाइयां मंगवाईं। काजल का दावा है कि मई 2025 से जनवरी 2026 के बीच करीब एक करोड़ रुपए मूल्य की 35 लाख टैबलेट और कैप्सूल बेचे गए, जिनमें करीब 80 लाख रुपए का भुगतान मिला।
काजल के अनुसार ड्रग्स विभाग की कार्रवाई में जेएमडी ट्रेडर्स के प्रतिष्ठान से दवाइयों के सैंपल भी लिए गए थे। उनका दावा है कि सदर पुलिस की कार्रवाई में बरामद प्रेगाबालिन और टैपेंटाडोल पर उनकी फर्म का नाम अंकित था, लेकिन संबंधित बैच की दवाइयां उनकी फर्म ने वैध बिलों के जरिए अन्य फर्मों को बेची थीं और बरामद दवाइयां उनकी फर्म की नहीं हैं।
पुलिस गिरफ्तार दोनों आरोपियों से बरामद नशीली दवाओं की सप्लाई, खरीद-फरोख्त और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ कर रही है।






