दीपावली से पहले रवि-पुष्य योग का शुभ संयोग: खरीदारी, निवेश और नए काम की शुरुआत के लिए शुभ दिन
बीकानेर: दीपावली से पहले खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत के लिए रविवार को बेहद शुभ संयोग बन रहा है। कार्तिक कृष्ण अष्टमी के अवसर पर रवि-पुष्य योग बनने से बाजारों में खरीदारी को लेकर उत्साह रहने की उम्मीद है।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार पुष्य नक्षत्र को सुख-समृद्धि, स्थिरता और निरंतर उन्नति का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दौरान सोना-चांदी, भूमि-भवन, वाहन और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं की खरीदारी के साथ नए कारोबार की शुरुआत और निवेश करना शुभ माना जाता है।
रविवार सुबह से शुरू होगा पुष्य नक्षत्र
ज्योतिषाचार्य पंडित जतन लाल श्रीमाली (कपिल गुरु) ने पंचांगों के हवाले से बताया कि कार्तिक मास में दीपावली से पहले पुष्य नक्षत्र का यह उत्तम संयोग बन रहा है।
पुष्य नक्षत्र रविवार सुबह 10:49 बजे से प्रारंभ होकर सोमवार, 2 नवंबर की सुबह 9:18 बजे तक रहेगा।
ज्योतिष शास्त्र में पुष्य को 27 नक्षत्रों में आठवां और अत्यंत शुभ नक्षत्र माना गया है। इसके अधिष्ठाता देवगुरु बृहस्पति तथा स्वामी शनि हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बृहस्पति की शुभता और शनि की स्थिरता के प्रभाव से इस नक्षत्र में खरीदी गई वस्तुओं को लंबे समय तक उपयोगी और लाभकारी माना जाता है।
राशि के अनुसार क्या खरीदना माना गया है शुभ
- मेष: सोना, बर्तन और वाहन
- वृष: चांदी, आभूषण, वस्त्र और सजावटी सामान
- मिथुन: आवश्यक उपकरण
- कर्क: चांदी के बर्तन, मोती और रसोई सामग्री
- सिंह: स्वर्ण, तांबे के पात्र और वाहन
- कन्या: बही-खाता और मशीनरी से संबंधित सामग्री
- तुला: हीरे के आभूषण, चांदी और वस्त्र
- वृश्चिक: सोना, तांबा, भूमि-भवन और घरेलू उपकरण
- धनु: धार्मिक पुस्तकें, पूजा सामग्री, वाहन और सोना
- मकर: भूमि, मकान और सामान्य बर्तन
- कुंभ: वाहन, तकनीकी उपकरण और अनाज
- मीन: सोना-चांदी, पीतल के बर्तन और धार्मिक पुस्तकें
रवि-पुष्य योग में खरीदारी के प्रमुख शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य के अनुसार रविवार को खरीदारी के लिए कई शुभ समय निर्धारित किए गए हैं।
- अमृत काल: सुबह 10:09 बजे से 11:33 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:11 बजे से 11:55 बजे तक
- शुभ योग मुहूर्त: दोपहर 12:56 बजे से 2:20 बजे तक
- प्रदोष काल: शाम 5:07 बजे से 7:50 बजे तक
- शुभ-अमृत-चर मुहूर्त: शाम 5:07 बजे से रात 9:57 बजे तक
सोना-चांदी से लेकर नए कारोबार तक के लिए शुभ मान्यता
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार रवि-पुष्य योग में सोना, चांदी, तांबा, लोहा, भूमि-भवन और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं की खरीदारी विशेष फलदायी मानी जाती है। वहीं पुष्य नक्षत्र में नए व्यवसाय की शुरुआत, निवेश और आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी को भी शुभ माना गया है।
नोट: यहां बताए गए शुभ मुहूर्त और खरीदारी संबंधी जानकारी पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है।






