श्रीडूंगरगढ़ में डिजिटल अरेस्ट कर 32 लाख की ठगी, फर्जी वारंट दिखाकर कराया RTGS

24 Sep 2026 BIKANER
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श्रीडूंगरगढ़ में डिजिटल अरेस्ट कर 32 लाख की ठगी, फर्जी वारंट दिखाकर कराया RTGS

श्रीडूंगरगढ़। श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। ठगों ने पीड़ित को व्हाट्सएप पर बैंक खाते में करोड़ों रुपये के टर्नओवर और उसके खिलाफ वारंट जारी होने की बात कहकर डराया। इसके बाद मुंबई पुलिस और कोर्ट के फर्जी दस्तावेज भेजकर उसे अपने झांसे में लिया और करीब 32 लाख रुपये की एफडी के बारे में जानकारी हासिल कर ली। आरोप है कि ठगों के कहने पर पीड़ित ने पीएनबी बैंक से RTGS के जरिए रकम उनके बताए खाते में ट्रांसफर कर दी।

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व्हाट्सएप पर आया मैसेज, करोड़ों के टर्नओवर का डर दिखाया

श्रीडूंगरगढ़ निवासी सुशील कुमार पेड़ीवाल ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उसका कोलकाता में कपड़ों का कारोबार है और वह फिलहाल श्रीडूंगरगढ़ आया हुआ था। इसी दौरान उसके व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज आया। इसमें बताया गया कि केनरा बैंक में उसके नाम से खाता खुला हुआ है और उसमें करोड़ों रुपये का टर्नओवर हुआ है। साथ ही उसके खिलाफ फ्रॉड की शिकायत दर्ज होने और वारंट जारी होने की बात कही गई।

मुंबई पुलिस और कोर्ट के दस्तावेज भेजकर डराया

रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद साइबर ठगों ने व्हाट्सएप पर मुंबई पुलिस से जुड़े दस्तावेज और कोर्ट का वारंट भेजा। ठग लगातार व्हाट्सएप के जरिए मैसेज करते रहे। इस दौरान केनरा बैंक के एटीएम की फोटो और बैंक स्टेटमेंट भी भेजे गए। इन दस्तावेजों और धमकियों के कारण पीड़ित डर गया।

घटना किसी को बताने से भी किया मना

पीड़ित के अनुसार, साइबर ठगों ने उसे व्हाट्सएप पर रिपोर्ट करने को कहा और कथित तौर पर हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए घटना के बारे में किसी अन्य व्यक्ति को जानकारी देने से मना किया। इस तरह उसे लगातार अपने निर्देशों के अनुसार काम करने के लिए दबाव में रखा गया।

32 लाख की एफडी की जानकारी लेकर कराया RTGS

आरोप है कि ठगों ने पीड़ित से उसकी बैंक एफडी के बारे में जानकारी ली। पीड़ित ने उन्हें बताया कि उसके पास करीब 32 लाख रुपये की एफडी है। इसके बाद ठगों ने उसे RTGS के जरिए रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए। पीड़ित श्रीडूंगरगढ़ स्थित पंजाब नेशनल बैंक पहुंचा और ठगों द्वारा बताए गए खाते में RTGS करवा दिया।

परिवार को बताने पर हुआ साइबर फ्रॉड का खुलासा

रकम ट्रांसफर करने के बाद जब पीड़ित ने घटना की जानकारी अपने परिवार के सदस्यों को दी तो उन्हें शक हुआ। परिवार ने बताया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है। इसके बाद पीड़ित ने श्रीडूंगरगढ़ पुलिस थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज करवाई।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू

श्रीडूंगरगढ़ पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की जांच में रकम जिस खाते में ट्रांसफर हुई, उसके धारक और साइबर ठगों तक पहुंचने के लिए बैंकिंग ट्रांजैक्शन तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।


साइबर ठगी से बचाव: पुलिस या कोर्ट के नाम पर फोन अथवा व्हाट्सएप के जरिए डराकर पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश मिलें तो तुरंत सतर्क हो जाएं। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर OTP, बैंक डिटेल, एफडी या अन्य वित्तीय जानकारी साझा न करें और संदिग्ध साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।

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