राजस्थान के स्कूलों में आज ई-वेस्ट प्रबंधन पर विशेष अभियान, विद्यार्थियों को किया जाएगा जागरूक
राजस्थान। पुराने मोबाइल, खराब चार्जर, बेकार कंप्यूटर और बंद पड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर्यावरण के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग की ओर से विशेष अभियान-6 के तहत 28 अक्टूबर 2026 को प्रदेशभर के राजकीय एवं निजी विद्यालयों में ई-वेस्ट प्रबंधन को लेकर विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
प्रार्थना सभा और प्रश्नोत्तरी से मिलेगी जानकारी
अभियान के तहत विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे के दुष्प्रभावों, सुरक्षित प्रबंधन और उचित निस्तारण के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों की जानकारी को परखा जाएगा। उद्देश्य विद्यार्थियों को जागरूक बनाना और उन्हें परिवार तथा आसपास के लोगों को भी ई-वेस्ट के सही निस्तारण के लिए प्रेरित करने के लिए तैयार करना है।
कबाड़ नहीं, जिम्मेदारी है ई-वेस्ट
अक्सर घरों में खराब मोबाइल, पुराने कंप्यूटर, बैटरियां और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लंबे समय तक पड़े रहते हैं या सामान्य कचरे के साथ फेंक दिए जाते हैं। ऐसे उपकरणों का अनुचित निस्तारण पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
अभियान के तहत विद्यालयों में एकत्रित ई-वेस्ट को अधिकृत रिसाइक्लर्स या रिफर्बिशर्स को सौंपने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि इलेक्ट्रॉनिक कचरे का उचित निस्तारण हो सके और उपयोगी सामग्री का दोबारा इस्तेमाल भी संभव हो।
गतिविधियों की रिपोर्ट उसी दिन करनी होगी अपलोड
शिक्षा विभाग ने विद्यालयों को आयोजित गतिविधियों की रिपोर्ट और जियो-टैग फोटो 28 अक्टूबर को ही इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। इस पहल के जरिए विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण की समझ विकसित करने और ई-वेस्ट के जिम्मेदार प्रबंधन की आदत को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।
जिला और प्रखंड स्तर पर होंगे संग्रह केंद्रों की पहचान
अभियान के अंतर्गत जिला और प्रखंड स्तर पर ई-कचरा संग्रह केंद्रों की पहचान कर उनकी मैपिंग की जाएगी। इससे पुराने और बेकार इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जमा करने के लिए उपयुक्त केंद्रों की जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। विद्यालयों में विद्यार्थियों और शिक्षकों को भी ई-वेस्ट के उचित प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जाएगा।
साथ ही, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रावधानों के अनुरूप कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में रखने और उसका उचित निस्तारण करने पर जोर दिया गया है।
पंचायतों और नगर निकायों से करना होगा समन्वय
ई-कचरे के संग्रहण और निस्तारण की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विद्यालयों को स्थानीय नगर निकायों और ग्राम पंचायतों के साथ समन्वय करना होगा। सरकारी कार्यालयों में भी ई-वेस्ट प्रबंधन को लेकर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित संग्रहण और निस्तारण की व्यवस्था को मजबूत करना तथा विद्यार्थियों के माध्यम से समाज में पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाना है।
Aapni Awaj | राजस्थान शिक्षा समाचार







