बीकानेर मेयर चुनाव से पहले मनोज बिश्नोई को BDA नोटिस, गहलोत ने सरकार पर बोला हमला
बीकानेर। नगर निगम मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस पार्षद मनोज बिश्नोई को बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) की ओर से जारी अंतिम नोटिस को लेकर राजस्थान की सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले को लेकर भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है।
गहलोत ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर आरोप लगाया कि नगर निगम बोर्ड बनाने के लिए भाजपा सरकार प्रशासनिक कार्रवाई का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि झुंझुनूं, नीमराना और कापरेन के बाद अब बीकानेर में भी इसी तरह की स्थिति सामने आई है।
गहलोत बोले- 'सरकारी नोटिस का हथियार'
अशोक गहलोत ने कहा कि रानी बाजार स्थित होटल शौर्य 3.0 को लेकर मनोज बिश्नोई को दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। उन्होंने इस कार्रवाई को भाजपा का डर और दबाव तंत्र बताते हुए कहा कि पार्षद ने स्पष्ट कर दिया है कि वे डरने वाले नहीं हैं।
गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को संबोधित करते हुए कहा कि बोर्ड जीतने के लिए कानून का इस्तेमाल हथियार की तरह नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से भी अपने दायरे में रहकर काम करने की बात कही और कहा कि सरकारें बदलती रहती हैं।
होटल शौर्य 3.0 को लेकर BDA का अंतिम नोटिस
BDA ने रानी बाजार स्थित होटल शौर्य 3.0 में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों और भवन निर्माण से जुड़े दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, नोटिस में दो दिन के भीतर दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
BDA की ओर से इससे पहले 9 फरवरी 2026 को भी नोटिस जारी किए जाने का उल्लेख है। प्राधिकरण का कहना है कि मांगे गए दस्तावेज लंबे समय से उपलब्ध नहीं करवाए गए। वहीं, मनोज बिश्नोई का कहना है कि वह नोटिस का जवाब नियमों के अनुसार देंगे।
मेयर चुनाव के बीच नोटिस पर सियासी विवाद
नोटिस जारी होने का समय नगर निगम मेयर चुनाव से ठीक पहले का है। कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक दबाव से जोड़कर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, उपलब्ध रिपोर्टों में नोटिस को BDA की ओर से दस्तावेज और भवन निर्माण से जुड़े नियमों के तहत जारी कार्रवाई बताया गया है। नोटिस को मेयर चुनाव से जोड़ने का कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है।
बीकानेर में मेयर चुनाव के बीच इस कार्रवाई ने कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर दिया है।




